चंपावत के बनबसा में पहली बार हुई धामी कैबिनेट बैठक, सीएम बोले- अब देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी बैठकें

चंपावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को चंपावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की अहम बैठक आयोजित की गई। सुबह 11 बजे शुरू हुई यह बैठक कई मायनों में खास रही। पहली बार प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक देहरादून से बाहर चंपावत जिले में आयोजित की गई, जिसे सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकता से जोड़कर देखा जा रहा है। कैबिनेट बैठक के लिए मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्य और शासन के वरिष्ठ अधिकारी पहले ही बनबसा पहुंच गए थे। बैठक की तैयारियां भी पहले से पूरी कर ली गई थीं। अक्टूबर महीने की यह पहली कैबिनेट बैठक रही, जिस पर प्रदेश की निगाहें टिकी थीं।
अब अलग-अलग जिलों में भी होंगी कैबिनेट बैठकें
बैठक के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कैबिनेट की बैठकें अब केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी। इन्हें प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी आयोजित किया जाएगा, ताकि स्थानीय समस्याओं, विकास की संभावनाओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को शासन के सामने सीधे रखा जा सके। सीएम धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शासन को जनता के और करीब ले जाना है। जब मंत्रिमंडल की बैठकें अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित होंगी, तो स्थानीय परिस्थितियों और जन अपेक्षाओं को समझने के साथ-साथ विकास से जुड़े विषयों पर त्वरित निर्णय लेने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने सीमांत क्षेत्रों को राज्य की सुरक्षा, संस्कृति और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि सरकार का फोकस इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर है। इसके लिए आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सीमांत क्षेत्रों और पर्वतीय जिलों पर सरकार का फोकस
चंपावत में कैबिनेट बैठक आयोजित किए जाने को सरकार की सीमांत जिलों पर विशेष प्राथमिकता के तौर पर देखा जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत गांवों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक विकास की गति को समान रूप से आगे बढ़ाना सरकार की प्रतिबद्धता है।सरकार का मानना है कि प्रदेश के दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में कैबिनेट बैठक आयोजित होने से स्थानीय स्तर की समस्याएं सीधे मंत्रिमंडल के सामने आ सकती हैं। इससे क्षेत्र की जरूरतों के मुताबिक नीतिगत फैसले लेने में भी मदद मिलेगी।
सौरभ बहुगुणा बोले- प्रदेश हित में कई प्रस्तावों पर लगेगी मुहर
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने चंपावत में कैबिनेट बैठक आयोजित किए जाने को सरकार का अच्छा फैसला बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लगातार प्रयास रहा है कि सीमांत जिलों और बॉर्डर एरिया पर विशेष ध्यान दिया जाए। सौरभ बहुगुणा के मुताबिक पर्वतीय जिलों के विकास पर सरकार का पूरा फोकस है। चंपावत में कैबिनेट बैठक होने से स्थानीय लोगों के बीच भी यह संदेश जाएगा कि सरकार उनके प्रति संवेदनशील है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैठक में प्रदेश हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिलेगी।
सतपाल महाराज बोले- लोगों में दिखा उत्साह
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने भी चंपावत के बनबसा में कैबिनेट बैठक को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बैठक के आयोजन से स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला है और लोगों के बीच यह संदेश गया है कि सरकार उनके बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास कर रही है। सतपाल महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से चंपावत में कैबिनेट बैठक आयोजित करने का फैसला एक अच्छा संदेश देता है।
मॉनसून सत्र की तारीख पर भी नजर
उत्तराखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र भी इसी महीने आयोजित होना है। सत्र को 26 अक्टूबर से पहले कराए जाने की संभावना है। ऐसे में कैबिनेट बैठक के दौरान विधानसभा सत्र की तारीख और स्थान से जुड़े निर्णय को लेकर भी नजरें बनी हुई थीं। चंपावत में हुई इस कैबिनेट बैठक को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सरकार ने पहली बार देहरादून से बाहर मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि शासन और विकास से जुड़े फैसलों में प्रदेश के पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों की भागीदारी को भी प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले समय में प्रदेश के अन्य जिलों में भी कैबिनेट बैठक आयोजित किए जाने की मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब यह देखना अहम होगा कि अगली बैठक किन क्षेत्रों में आयोजित की जाती है और स्थानीय मुद्दों को लेकर सरकार किस तरह के फैसले लेती है।




