दून यूनिवर्सिटी में देर रात छात्राओं का हंगामा, मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप; VC आवास के बाहर जुटीं छात्राएं

देहरादून: दून यूनिवर्सिटी में हॉस्टल की मेस के खाने की गुणवत्ता को लेकर छात्राओं का गुस्सा देर रात सामने आया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि हॉस्टल मेस में परोसे गए भोजन में कीड़े पाए गए, जिसके बाद बड़ी संख्या में छात्राएं एकजुट हो गईं और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। खाने की गुणवत्ता को लेकर नाराज छात्राएं विश्वविद्यालय की कुलपति के आवास के बाहर पहुंचीं और अपनी शिकायतों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्राओं का कहना है कि मेस के भोजन को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठाए जा चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप
छात्राओं के मुताबिक, देर रात हॉस्टल मेस में खाना परोसा गया था। खाना खाने के दौरान कथित तौर पर उसमें कीड़े दिखाई दिए। यह बात सामने आने के बाद छात्राओं में नाराजगी फैल गई। छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए मेस का खाना रोजमर्रा की जरूरत है और भोजन की गुणवत्ता को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही सीधे उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है।
VC आवास के बाहर जुटीं छात्राएं
घटना के बाद छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी दर्ज कराने का फैसला किया। बड़ी संख्या में छात्राएं कुलपति के आवास के बाहर पहुंचीं और वहां देर रात तक विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने मेस की व्यवस्था और खाने की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि भोजन में वास्तव में इस तरह की लापरवाही हुई है तो इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
पहले भी उठते रहे हैं खाने की गुणवत्ता पर सवाल
छात्राओं ने दावा किया कि हॉस्टल की मेस में भोजन की गुणवत्ता को लेकर यह पहली शिकायत नहीं है। उनका कहना है कि पहले भी खाने को लेकर आपत्तियां सामने आती रही हैं। छात्राओं के मुताबिक, मेस में नियमित रूप से भोजन करने वाले विद्यार्थियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और भोजन तैयार करने से लेकर परोसे जाने तक गुणवत्ता की निगरानी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कार्रवाई और बेहतर व्यवस्था की मांग
देर रात हुए विरोध के दौरान छात्राओं ने कथित घटना की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने मेस के भोजन की गुणवत्ता में सुधार और साफ-सफाई की व्यवस्था को बेहतर करने की मांग रखी। छात्राओं का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को मेस की व्यवस्था की नियमित जांच करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी शिकायतें सामने न आएं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के जवाब का इंतजार
फिलहाल मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि कथित तौर पर भोजन में पाए गए कीड़े की शिकायत की जांच किस स्तर पर की गई है और मेस संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई प्रस्तावित है या नहीं। घटना के बाद अब छात्राओं की शिकायत और मेस की खाद्य गुणवत्ता को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम पर नजर रहेगी।




