चम्पावत में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज, DM ने EVM-VVPAT से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक की समीक्षा

चम्पावत: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। चम्पावत में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जिला सभागार में निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं, EVM-VVPAT, निर्वाचन कार्मिकों, वाहनों, सुरक्षा और निर्वाचन व्यय निगरानी सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।
मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं पर फोकस
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्वाचन से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं और भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में सभी मतदान केंद्रों के भौतिक सत्यापन की प्रगति की समीक्षा की गई। मतदान केंद्रों तक पहुंचने वाले रास्ते, बिजली, पेयजल, शौचालय, रैंप और अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्थिति का आकलन कर कमियों को समय रहते दूर करने के निर्देश दिए गए।
कार्मिक और नोडल अधिकारियों का डाटाबेस भी जांचा
निर्वाचन ड्यूटी में लगाए जाने वाले मतदान एवं मतगणना कार्मिकों के साथ-साथ निर्वाचन व्यय निगरानी टीमों और विभिन्न नोडल अधिकारियों के डाटाबेस की भी समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि कार्मिकों और अधिकारियों से जुड़ी सूचनाओं को समय पर अपडेट रखा जाए, ताकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की प्रशासनिक परेशानी न हो।
बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था
बैठक में दिव्यांग और 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की सुविधाओं को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने दिव्यांग मतदाताओं की मैपिंग, पात्र मतदाताओं का विवरण अपडेट करने और निर्वाचन आयोग के प्रावधानों के अनुसार होम वोटिंग से जुड़ी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा SVEEP के माध्यम से युवा, महिला, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले मतदाताओं तक मतदान जागरूकता का संदेश पहुंचाने पर जोर दिया गया।
EVM-VVPAT और संवेदनशील क्षेत्रों की समीक्षा
निर्वाचन तैयारियों के तहत EVM और VVPAT की प्रथम स्तरीय जांच (FLC), वल्नरेबिलिटी मैपिंग, कानून-व्यवस्था और निर्वाचन व्यय निगरानी जैसे विषयों की भी समीक्षा की गई। निर्वाचन आयोग के अनुसार, FLC में EVM और VVPAT की भौतिक एवं कार्यात्मक जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाती है और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी इसकी प्रक्रिया का अवलोकन कर सकते हैं।डीएम ने संवेदनशील और संभावित रूप से संवेदनशील मतदान केंद्रों एवं क्षेत्रों का समय रहते आकलन करने और आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा एवं प्रशासनिक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वाहनों और सुरक्षा बलों की व्यवस्था पर भी मंथन
चुनाव के दौरान परिवहन व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। हल्के और भारी वाहनों की उपलब्धता, निर्वाचन सामग्री के परिवहन और सुरक्षा बलों की आवाजाही से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। इसके साथ ही CAPF के ठहरने के लिए उपयुक्त स्थानों का चिन्हीकरण करने तथा वहां पेयजल, बिजली, आवास और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
समयबद्ध तैयारी पूरी करने के निर्देश
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अधिकारियों से कहा कि निर्वाचन से संबंधित प्रत्येक जिम्मेदारी को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाए। प्रशासन का जोर ऐसी व्यवस्थाएं तैयार करने पर है, जिससे मतदान प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं, निर्वाचन कार्मिकों और सुरक्षा बलों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें तथा मतदान केंद्रों पर व्यवस्थित माहौल बना रहे। चम्पावत जिला प्रशासन के DEO पोर्टल पर विधानसभा निर्वाचन 2027 से संबंधित व्यवस्थाओं और दस्तावेजों के लिए अलग सेक्शन उपलब्ध है।




