किच्छा स्ट्रांग रूम विवाद पर सियासत तेज, तिलकराज बेहड़ मामले में अरविंद पांडे ने जताई नाराजगी

किच्छा: नगर पालिका चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम के बाहर हुए हंगामे के बाद अब मामला राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है। कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ और भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थकों के बीच हुए विवाद, धक्का-मुक्की और मारपीट के आरोपों को लेकर दोनों दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
अरविंद पांडे ने घटना को बताया अनुचित
गदरपुर से भाजपा विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे ने किच्छा की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए इसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी निर्वाचित विधायक के साथ हाथापाई की घटना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिहाज से उचित नहीं है। उनके मुताबिक, राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
प्रेमानंद महाजन ने प्रशासन पर उठाए सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन ने घटना को लेकर पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में इस तरह का विवाद होना गंभीर विषय है। महाजन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पर्दे लगाने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
जानकारी के मुताबिक, किच्छा स्ट्रांग रूम के बाहर पर्दे लगाए जाने को लेकर विवाद की शुरुआत हुई थी। देखते ही देखते दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों से जुड़े नेताओं को हिरासत में लिया। घटना के बाद किच्छा का स्ट्रांग रूम विवाद अब स्थानीय राजनीतिक मुद्दा बन गया है। दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई तथा उपलब्ध आधिकारिक तथ्यों से आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।




