सिरसा की समस्याओं को लेकर विधायक गोकुल सेतिया ने CM सैनी पर उठाए सवाल, बोले- ‘काम जीरो’

सिरसा:- जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठकों में लोगों की शिकायतों के समाधान को लेकर सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर सवाल उठाए हैं। विधायक ने शुक्रवार रात सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि सिरसा में लोगों की समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो रहा है और कई विभागों में कामकाज की रफ्तार धीमी है।
एम्स पर धन्यवाद का जिक्र, फिर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल
गोकुल सेतिया ने अपनी पोस्ट में कहा कि जब सिरसा में एम्स मिलने पर उन्होंने मंच से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद किया था, तो अब वह सिरसा की मौजूदा स्थिति को लेकर भी अपनी बात रख रहे हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि शहर में कई मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं और अलग-अलग विभागों में काम अपेक्षित तरीके से नहीं हो रहा। उन्होंने जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को लेकर भी नाराजगी जताई।
बिजली, पब्लिक हेल्थ और नहरों के मुद्दे उठाए
विधायक ने अपनी पोस्ट में डीएमसी, एडीसी, बिजली विभाग और पब्लिक हेल्थ समेत कई विभागों का उल्लेख किया। उनका आरोप है कि शहर में विकास कार्यों की स्थिति संतोषजनक नहीं है और कई मामलों में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने नहरों में पानी नहीं होने और तहसील स्तर पर अधिकारियों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए। सेतिया ने कहा कि सिरसा में शिकायतों के समाधान की जिम्मेदारी संभालने वाली समिति के अध्यक्ष खुद मुख्यमंत्री हैं, ऐसे में लोगों की समस्याओं पर प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।
पंजाबी में भी जताई नाराजगी
गोकुल सेतिया ने अपनी पोस्ट में पंजाबी में भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि अगर सिरसा को हरियाणा का हिस्सा नहीं समझा जा रहा है तो उसे किसी दूसरे राज्य में डाल दिया जाए। यह टिप्पणी उन्होंने सिरसा में समस्याओं के समाधान को लेकर अपनी नाराजगी जताते हुए की।
पहली बैठक में तीनों विधानसभा क्षेत्रों से पहुंचे थे प्रतिनिधि
गौरतलब है कि जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की पहली बैठक में सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया, कालांवाली विधायक शीशपाल सिंह केहरवाला और ऐलनाबाद विधायक के प्रतिनिधि सुमित बेनीवाल अपनी शिकायतों के साथ पहुंचे थे। इसके बाद आयोजित बैठकों में विधायकों की मौजूदगी को लेकर स्थिति अलग रही है।
12 सितंबर की बैठक में बाहर भी जुटे शिकायतकर्ता
12 सितंबर को आयोजित बैठक के दौरान पंचायत भवन परिसर के पार्क में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। बताया गया कि निर्धारित व्यवस्था के तहत केवल संबंधित शिकायतकर्ताओं को ही बैठक हॉल में प्रवेश दिया गया, जबकि कई अन्य लोग अपनी समस्याएं लेकर बाहर ही रह गए। बैठक के बाद मुख्यमंत्री के रवाना होने पर बाहर मौजूद लोगों से शिकायतें लिए जाने की बात भी सामने आई। विधायक का आरोप है कि इन शिकायतों पर अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है। मामले को लेकर अब जिला प्रशासन और शिकायत निवारण व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।




