Doiwala Ayurvedic University Protest: 12 घंटे तक पानी की टंकी पर डटे रहे छात्र, लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन

डोईवाला:- उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, हर्रावाला में लंबित परीक्षा परिणाम और समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं होने से नाराज छात्रों का विरोध प्रदर्शन देर रात समाप्त हो गया। बीएएमएस (BAMS) और बीयूएमएस (BUMS) छात्रों का आरोप था कि परीक्षाएं और उनके परिणाम तय समय पर जारी नहीं किए जा रहे हैं, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। सोमवार को शुरू हुआ यह प्रदर्शन करीब 12 घंटे तक चला। आक्रोशित छात्र पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। देर रात करीब 1 बजे विश्वविद्यालय के कुलपति की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद छात्र सुरक्षित नीचे उतर आए और आंदोलन समाप्त कर दिया।
VC के लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
छात्रों के प्रदर्शन के बाद उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी की ओर से लिखित आश्वासन दिया गया। इसमें छात्रों की प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए समयसीमा तय की गई।
लिखित आश्वासन के अनुसार—
- लंबित सभी परीक्षा परिणाम 10 दिन के भीतर घोषित किए जाएंगे।
- आगामी परीक्षाओं का टाइम टेबल एक सप्ताह के भीतर जारी किया जाएगा।
- शैक्षणिक सत्र में हुई देरी को पूरा करने के लिए छात्रों की अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से लिखित पत्र मिलने के बाद रात करीब 1 बजे सभी छात्र शांतिपूर्वक पानी की टंकी से नीचे उतर गए और धरना समाप्त कर दिया।
पेट्रोल की बोतल लेकर टंकी पर चढ़े थे कुछ छात्र
परीक्षाओं और परिणामों में देरी से नाराज सैकड़ों छात्रों ने पहले विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य गेट पर धरना दिया। छात्रों का कहना था कि कई बार कुलपति और रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन मिला और समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं किया गया। आंदोलन के दौरान 4 से 5 छात्र परिसर की ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गए। इस दौरान कुछ छात्रों के ज्वलनशील पदार्थ, पेट्रोल की बोतलें लेकर टंकी पर चढ़ने की जानकारी भी सामने आई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पूरे दिन अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर डोईवाला पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और छात्रों को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुट गईं।
6 से 8 महीने पीछे चल रहा है शैक्षणिक सत्र: छात्रों का आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप था कि उनका शैक्षणिक सत्र करीब 6 से 8 महीने पीछे चल रहा है। इसका सीधा असर उनकी इंटर्नशिप और आगे की पढ़ाई पर पड़ रहा है। छात्रों का कहना था कि वे लंबे समय से परीक्षा आयोजित कराने और लंबित परिणाम घोषित करने की मांग कर रहे थे। सोमवार को जब उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन तेज हो गया और कुछ छात्र पानी की टंकी पर चढ़ गए।
पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति
रात के समय स्थिति और संवेदनशील हो गई थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार छात्रों को समझाने और सुरक्षित नीचे उतरने के लिए बातचीत करते रहे। पुलिस के अनुसार, छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पहले उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश की गई। आखिरकार कुलपति की ओर से समस्याओं के समाधान को लेकर लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद सहमति बनी। इसके बाद छात्रों ने आंदोलन समाप्त कर दिया। राहत की बात यह रही कि करीब 12 घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।




