पंजाब में तीर्थयात्रा योजना का विस्तार, 15 बसों में श्रद्धालु धार्मिक स्थलों के लिए रवाना

पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत मंगलवार को होशियारपुर से 15 बसों को अलग-अलग धार्मिक स्थलों के लिए रवाना किया गया। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बसों को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान दोनों नेताओं ने बसों के अंदर जाकर श्रद्धालुओं से बातचीत की और उनके लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। बसों में मौजूद बुजुर्ग श्रद्धालु यात्रा को लेकर काफी उत्साहित नजर आए। रवाना की गई बसों में श्रद्धालुओं को हरिद्वार-ऋषिकेश, मथुरा-वृंदावन और सालासर बालाजी-श्री खाटू श्याम के दर्शन के लिए ले जाया जा रहा है। इन यात्राओं का उद्देश्य उन लोगों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर देना है, जो आर्थिक या अन्य कारणों से वहां नहीं जा पाते। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत अब तक 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा कराई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत 50 वर्ष से अधिक उम्र के एक परिवार के दो सदस्य यात्रा का लाभ ले सकते हैं। केजरीवाल के मुताबिक, यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के आने-जाने, ठहरने और भोजन की व्यवस्था सरकार की ओर से निशुल्क की जाती है। श्रद्धालुओं के लिए एसी स्लीपर बसों की व्यवस्था की गई है और उनके ठहरने के लिए भी सुविधाजनक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि होशियारपुर से रवाना हुई 15 बसों में से 10 बसें हरिद्वार-ऋषिकेश, 2 बसें मथुरा-वृंदावन और 3 बसें सालासर बालाजी-खाटू श्याम के लिए रवाना हुई हैं। अगले कुछ महीनों में पंजाब से करीब डेढ़ लाख लोगों को अलग-अलग धार्मिक स्थलों की यात्रा कराने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के साथ पंजाब की खुशहाली, तरक्की और शांति के लिए भी प्रार्थना करें। उन्होंने कहा कि यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है और कई लोग पहली बार इन धार्मिक स्थलों के दर्शन करने जा रहे हैं।
भगवंत मान ने कहा कि इससे पहले भी मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत दरबार साहिब, राम तीर्थ, अमृतसर साहिब, वाघा बॉर्डर और फतेहगढ़ साहिब सहित विभिन्न धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के लिए बसें चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग धर्मों के धार्मिक स्थल मानवता और आपसी भाईचारे का संदेश देते हैं। सरकार के अनुसार, तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए एसी स्लीपर बसों के साथ वातानुकूलित कमरों में ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया जाएगा और उनकी देखभाल के लिए प्रत्येक बस में एक अटेंडेंट भी मौजूद रहेगा। आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक तीर्थयात्री का मेडिकल बीमा कराने की व्यवस्था भी की गई है। जरूरत पड़ने पर सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, प्रत्येक धार्मिक स्थल पर दर्शन व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष टीमों की तैनाती की गई है। यात्रा पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद के साथ स्मृति चिह्न के रूप में पीतल का गिलास भी दिया जाएगा।
सरकार के अनुसार, इस योजना का लाभ किसी भी क्षेत्र, जाति या धर्म के लोग उठा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि होशियारपुर से रवाना हुई 15 बसों में पांच जिलों—होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, पठानकोट और गुरदासपुर—के श्रद्धालु शामिल हैं। इनमें 10 बसें हरिद्वार-ऋषिकेश, 2 बसें मथुरा-वृंदावन और 3 बसें खाटू श्याम-सालासर के लिए रवाना हुई हैं। सरकार के मुताबिक, योजना के पहले चरण में अब तक 4 लाख श्रद्धालु श्री अमृतसर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब-नैना देवी समेत विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। इसके लिए अलग-अलग जिलों के क्लस्टर बनाए गए हैं। सरकार का दावा है कि तीर्थयात्रा योजना पर अब तक करीब 148 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और कुल 10 लाख तीर्थयात्रियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा कराने का लक्ष्य रखा गया है। श्री आनंदपुर साहिब में श्रद्धालुओं के लिए टेंट सिटी भी स्थापित की गई है। पंजाब सरकार का कहना है कि योजना के जरिए बुजुर्गों और अन्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से धार्मिक स्थलों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है। अब होशियारपुर से रवाना हुई 15 बसों के बाद इस योजना के अगले चरण में और श्रद्धालुओं को विभिन्न तीर्थ स्थलों तक ले जाने की तैयारी है।




