उत्तराखण्ड

Srishti Kandari Case: सृष्टि कंडारी मौत मामले में सास प्रवीणा खत्री को फिर झटका, अग्रिम जमानत याचिका खारिज

देहरादून:-  शिक्षिका सृष्टि कंडारी की मौत से जुड़े मामले में उनकी सास प्रवीणा खत्री को अदालत से एक बार फिर राहत नहीं मिली है। प्रभारी सत्र न्यायाधीश महेश चंद्र कौशिक की अदालत ने प्रवीणा खत्री की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने मामले की गंभीरता, सामने आए आरोपों और जारी जांच को देखते हुए गिरफ्तारी से पहले जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं माना। प्रवीणा खत्री की ओर से इससे पहले भी अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया गया था, लेकिन तब भी उन्हें राहत नहीं मिली थी।

बचाव पक्ष ने मुकदमे को बताया गलत तथ्यों पर आधारित

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने प्रवीणा खत्री के खिलाफ दर्ज मुकदमे को गलत तथ्यों पर आधारित बताया। उनके अधिवक्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि प्रवीणा की उम्र 66 वर्ष से अधिक है और वह शिक्षा विभाग में लेक्चरर के पद से सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि सृष्टि की शादी नवंबर 2025 में प्रवीणा के बेटे सौरभ खत्री से हुई थी। परिवार की ओर से दहेज के लिए सृष्टि को प्रताड़ित किए जाने के आरोपों से इनकार किया गया। याचिका में प्रवीणा के पति मनोहर खत्री की बीमारी का भी उल्लेख किया गया। बचाव पक्ष के मुताबिक, मनोहर खत्री ब्रेन कैंसर की चौथी स्टेज से जूझ रहे थे और इलाज के दौरान उनकी हालत लगातार खराब होती गई। उनका 26 जुलाई 2026 को निधन हो गया था।

अभियोजन ने दहेज प्रताड़ना के आरोपों का किया जिक्र

अभियोजन पक्ष ने प्रवीणा खत्री की अग्रिम जमानत का विरोध किया। अभियोजन की ओर से सृष्टि को कथित तौर पर दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किए जाने के आरोप अदालत के सामने रखे गए। अभियोजन के मुताबिक, सृष्टि ने मौत से पहले अपनी मां को WhatsApp के जरिए करीब छह मिनट का वीडियो भेजा था। इसमें कथित तौर पर उन्होंने अपने पति, सास और ननद पर मानसिक प्रताड़ना और अपशब्द कहने के आरोप लगाए थे। जांच के दौरान सृष्टि की बहन रुचि, जीजा पंकज सिंह राणा और भाई देवांशु उर्फ गुंजन खंडूरी के बयान भी दर्ज किए गए। अभियोजन का कहना है कि इन बयानों में भी दहेज को लेकर सृष्टि को परेशान किए जाने और कथित तौर पर ताने दिए जाने की बात सामने आई।

कोर्ट ने मामले की गंभीरता को माना महत्वपूर्ण

अदालत ने उपलब्ध रिकॉर्ड और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने दहेज मृत्यु से जुड़े आरोपों और जांच में सामने आए तथ्यों को गंभीरता से लिया। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि मामले की विवेचना अभी जारी है। ऐसे में आरोपों की प्रकृति, मामले की गंभीरता और जांच की मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रवीणा खत्री को गिरफ्तारी से पहले जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं पाया गया।

1 अगस्त को भी मांगी थी अंतरिम राहत

प्रवीणा खत्री इससे पहले 1 अगस्त को गिरफ्तारी से बचने के लिए अंतरिम अग्रिम जमानत की मांग कर चुकी थीं। उस समय भी अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें राहत नहीं दी थी। इसके बाद 10 अगस्त को अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अब अदालत ने याचिका खारिज कर दी है। मामले में जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Parvat Sankalp News