देहरादून में नर्सिंग अभ्यर्थियों का हंगामा, मंत्री आवास पर आत्मदाह की कोशिश

देहरादून: उत्तराखंड में लंबे समय से वर्षवार नर्सिंग भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे उत्तराखंड नर्सिंग एकता मंच का प्रदर्शन मंगलवार को अचानक उग्र हो गया। राजधानी देहरादून स्थित स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सुबोध उनियाल के सरकारी आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे दो नर्सिंग अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर आत्मदाह का प्रयास किया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस व प्रशासन ने तत्काल दोनों अभ्यर्थियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

लंबे समय से चल रहा है आंदोलन
उत्तराखंड नर्सिंग एकता मंच पिछले कई महीनों से वर्षवार नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में देरी और अनिश्चितता के कारण हजारों प्रशिक्षित युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इससे पहले भी नर्सिंग अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर देहरादून के परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया था। उस दौरान शासन की ओर से वार्ता और समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभ्यर्थियों का आरोप है कि अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
स्वास्थ्य मंत्री के आवास के बाहर बढ़ा विरोध
मंगलवार को बड़ी संख्या में नर्सिंग अभ्यर्थी स्वास्थ्य मंत्री के आवास के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान दो अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर आत्मदाह का प्रयास किया। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना के बाद यमुना कॉलोनी स्थित मंत्री आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और प्रदर्शन कर रहे कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा गया, ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला भी मौके पर पहुंचीं और आंदोलनरत नर्सिंग अभ्यर्थियों का समर्थन किया। उन्होंने सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक देरी का आरोप लगाते हुए युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही।
भर्ती को लेकर बढ़ा दबाव
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब उत्तराखंड में सरकारी भर्तियों और रोजगार के मुद्दे लगातार चर्चा में हैं। नर्सिंग अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की निगरानी कर रहा है। वहीं सरकार की ओर से इस घटना और अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।




