उत्तराखंड मौसम अपडेट 10 जुलाई 2026: देहरादून समेत 5 जिलों में स्कूल बंद, भारी बारिश की चेतावनी

उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने 10 जुलाई के लिए कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की फ्लैश फ्लड संबंधी चेतावनी के मद्देनजर जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए कई जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।
प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के अनुसार देहरादून, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, चमोली और बागेश्वर जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्र 10 जुलाई को बंद रहेंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा, गरज-चमक के साथ तेज बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर अल्प समय में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरोध, जलभराव और नदियों-नालों के जलस्तर में वृद्धि जैसी परिस्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने भी संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड यानी अचानक आने वाली बाढ़ की आशंका जताई है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और राहत एवं बचाव एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से नदी-नालों, बरसाती गधेरों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के पास जाने से परहेज करें तथा पहाड़ी मार्गों पर अत्यधिक सावधानी बरतें। लोगों से यह भी कहा गया है कि वे केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन और जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
जिलाधिकारियों ने संबंधित विभागों को स्कूल बंद रखने के आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों, पुलिस, स्वास्थ्य सेवाओं और राहत एवं बचाव टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।




