पंजाब

Punjab: किसान मजदूर मोर्चा का पंजाब भर में प्रदर्शन, 21 विधायकों-6 मंत्रियों और सीएम आवास का घेराव

किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) चैप्टर पंजाब के आह्वान पर आज पूरे प्रदेश में एक दिवसीय राज्यव्यापी धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान 21 विधायकों, छह मंत्रियों और मुख्यमंत्री के आवासों के बाहर शांतिपूर्ण धरने देकर किसान, मज़दूर और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकारों को घेरा। केएमएम नेताओं सरवन सिंह पंधेर और सतनाम सिंह पन्नू ने बताया कि शंभू–खनौरी आंदोलन के दौरान किसानों व मजदूरों को भारी आर्थिक और सामाजिक नुकसान झेलना पड़ा, लेकिन अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिला। मोर्चे की प्रमुख मांगों में आंदोलन के नुकसान के लिए 3.77 करोड़ रुपये का मुआवज़ा, एमएसपी को कानूनी गारंटी और किसानों-मजदूरों की कर्ज माफी शामिल है।

घायल, शहीद परिवार और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

नेताओं ने कहा कि आंदोलन में घायल किसानों और शहीद परिवारों को शेष मुआवजा व सरकारी नौकरियां दी जाएं। साथ ही आंदोलन के दौरान अत्याचार और सामान की कथित चोरी में शामिल अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।

बाढ़, बिजली और कृषि कानूनों पर घेराव

मोर्चे ने बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवज़ा, बिजली संशोधन बिल 2025, बीज अधिनियम 2025 और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से कृषि को बाहर रखने की मांग उठाई। इस पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की भी मांग की गई।

स्मार्ट मीटर, पराली और खाद संकट

केएमएम ने स्मार्ट/प्री-पेड मीटर जबरन लगाने पर रोक, पराली मामलों में दर्ज केस व जुर्माने वापस लेने, यूरिया की किल्लत दूर करने और कालाबाज़ारी रोकने की मांग की। गन्ना किसानों की बकाया अदायगी तुरंत करने की चेतावनी भी दी गई।

नशा और बजट पर सख्त रुख

मोर्चे ने नशे के खिलाफ बड़े माफिया, राजनीतिक संरक्षण और सीमा पार ड्रोन तस्करी पर सख्त कार्रवाई की मांग की। केंद्रीय बजट को कॉरपोरेट-पक्षीय बताते हुए इसकी निंदा की गई। नेताओं ने चेताया कि मांगें न मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा।

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