पंजाब

रावी–ब्यास जल विवाद पर केंद्र सक्रिय, 6 सदस्यीय ट्रिब्यूनल शुरू करेगा निरीक्षण

हरियाणा और पंजाब के बीच पानी के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद के समाधान के लिए अब केंद्र सरकार ने भी प्रयास शुरू कर दिए हैं। रावी और ब्यास नदी के पानी के बंटवारे को लेकर दोनों राज्यों के बीच चल रहे विवाद की वास्तविकता जानने के लिए केंद्र सरकार की ओर से गठित ट्रिब्यूनल की 6 सदस्यीय टीम आज आएगी। तीन दिवसीय दाैरे के दाैरान ट्रिब्यूनल सभी कानूनी पक्षों का भी अवलोकन करेगा। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के बीच रावी और ब्यास नदियों के पानी के बंटवारे को लेकर केंद्र सरकार ने 1986 में रावी और ब्यास जल ट्रिब्यूनल का गठन किया गया था। ट्रिब्यूनल के चेयरमैन जस्टिस विनीत सरन सहित 5 अन्य सदस्य शुक्रवार को चंडीगढ़ आएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ट्रिब्यूनल के समक्ष हरियाणा के हक की पैरवी करेंगे। ट्रिब्यूनल की टीम पहले पंजाब स्थित रोपड़ के लोहड़ हेड पर पहुंचेगी। यहां से हरियाणा को उनके हिस्से का पानी वास्तविकता में कितना मिल रहा है इसका निरीक्षण होगा। हरियाणा का दावा है कि पंजाब से 3.5 मिलियन एकड़ फीट (एमएएफ) पानी मिलना चाहिए मगर अभी करीब 1.88 एमएएफ ही पानी मिल रहा है। शनिवार को टीम कुरुक्षेत्र के बुडेढ़ा हेड पर जाएगी। यहां पंजाब से भाखड़ा के माध्यम से हरियाणा को मिलने वाले पानी की आपूर्ति का निरीक्षण होगा।

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