हर तीसरे दिन एक की मौत: पंजाब की सड़क पर जानलेवा गड्ढे, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट

पंजाब में सड़कों के गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। इस वजह से होने वाले हादसों में हर दो दिन में एक व्यक्ति की जान जा रही है। पिछले पांच साल में इस वजह से हाने वाली मौतों में 65 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। सदन में पेश सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। बीते 5 साल में सूबे में 539 सड़क हादसे हुए हैं जिसमें 414 लोगों की मौत हुई है। वर्ष 2024 के दौरान ही राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग व शहरी सड़कों पर गड्ढों के कारण 150 हादसे हुए जिसमें 131 लोगों की मौत हो गई। इसी तरह वर्ष 2023 में 89 हादसों में 68 लोगों को जान गंवानी पड़ी है।

प्रदेश में विभिन्न राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर गड्ढे गंभीर हादसों का खतरा पैदा कर रहे हैं। मानसून के बाद हादसों का खतरा और भी बढ़ जाता है क्योंकि सड़कों पर गड्ढे बढ़ जाते हैं और इनकी रिपेयर में समय लगता है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 में गड्ढों से विभिन्न राजमार्ग पर 84 हादसे हुए जिसमें 60 लोगों की मौत हुई। इसी तरह वर्ष 2021 में 114 हादसों में 77 और वर्ष 2020 में 102 हादसों में 78 लोगों की जान चली गई।

घायल भी हो रहे लोग
पिछले पांच साल में हादसों के कारण 185 गंभीर व 65 लोग मामूली घायल हुए हैं। 2024 में 47 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि 12 को मामूली चोटें आई। 2023 में 26 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि सात को मामूली चोट आई।

हादसों के भी यह भी कारण

वाहन चालकों द्वारा ट्रैफिक नियमों की अनदेखी, तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और व्यावसायिक वाहनों की निगरानी कमजोर होना भी सड़क हादसों का प्रमुख कारण है। रिपोर्ट के अनुसार तेज रफ्तार की लापरवाही के कारण वर्ष 2020 में जहां 3,898 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 4,759 तक पहुंच गई। इसी तरह सड़क हादसे भी 2020 के 5,203 के मुकाबले 2024 में बढ़कर 6,063 तक पहुंच गए हैं। इसी तरह ओवरलोडिंग के चलते भी पांच साल में 2,725 लोगों की जान गई है।

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