भगवंत मान का मास्टरस्ट्रोक: पंजाब के हर परिवार को ₹10 लाख का फ्री इलाज, ‘सेहत कार्ड’ से मचेगी धूम।

पंजाब सरकार ने राज्यवासियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का एक ऐसा ढांचा तैयार किया है जो सार्वभौमिक (Universal) है। अब राज्य का हर परिवार, बिना किसी भेदभाव के, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का हकदार होगा।

1. योजना की मुख्य विशेषताएं

  • बीमा राशि: प्रति परिवार ₹10 लाख तक का सालाना मुफ्त इलाज।
  • व्यापक कवरेज: पुरानी योजनाओं के ₹5 लाख के मुकाबले अब दोगुनी सुरक्षा।
  • बीमारियों का दायरा: कुल 2356 हेल्थ पैकेज शामिल (पहले केवल 1600 थे)।
  • अस्पतालों का नेटवर्क: राज्य के 819 अस्पताल सूचीबद्ध, जिनमें 600 निजी अस्पताल शामिल हैं।
  • समावेशी नीति: ट्रांसजेंडरों के लिए 50 विशेष स्वास्थ्य पैकेज का प्रावधान।

2. पंजीकरण प्रक्रिया: सरल और सुलभ

सरकार ने पंजीकरण को जनता के द्वार तक पहुँचाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:

  • कैंप की सुविधा: रोजाना 1,000 पंजीकरण कैंप लगाए जा रहे हैं।
  • कॉमन सर्विस सेंटर (CSC): यहाँ जाकर भी पंजीकरण कराया जा सकता है।
  • दस्तावेज: केवल परिवार के सदस्यों का विवरण और वोटर कार्ड की प्रति आवश्यक है।
  • डिजिटल अपडेट: पंजीकरण सफल होने पर मोबाइल पर एसएमएस (SMS) प्राप्त होगा।

3. तुलनात्मक विश्लेषण: पुरानी बनाम नई योजन

विशेषतापुरानी योजनाएंमुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना (2026)
बीमा कवर₹5 लाख₹10 लाख
पात्रताचयनित वर्ग (सीमित)हर पंजाबी परिवार
हेल्थ पैकेज16002356
कार्ड प्रणालीअलग-अलग कार्डएक समान सेहत कार्ड

4. वित्तीय चुनौतियां और विशेषज्ञों की चिंता

योजना का विजन जितना बड़ा है, उसकी राह उतनी ही चुनौतीपूर्ण है:

  • बजट की कमी: सरकार ने ₹1200 करोड़ आवंटित किए हैं, जबकि विशेषज्ञों (जैसे डॉ. दिव्यांशु गुप्ता) का मानना है कि सुचारू संचालन के लिए ₹2500 करोड़ की आवश्यकता है।
  • कर्ज का बोझ: राज्य पर बढ़ता कर्ज (अनुमानित ₹4.17 लाख करोड़) इस योजना की निरंतरता पर सवाल खड़े कर सकता है।
  • समय पर भुगतान: निजी अस्पतालों को 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करना होगा, अन्यथा वे इलाज से मना कर सकते हैं।

विशेषज्ञ की राय: सुशासन केवल योजनाओं की घोषणा से नहीं, बल्कि अस्पतालों को समय पर होने वाले भुगतान और पारदर्शी प्रक्रिया से सुनिश्चित होगा।

5. पंजाब के लिए यह योजना क्यों जरूरी ह

सांख्यिकी मंत्रालय के अनुसार, पंजाब में स्वास्थ्य पर होने वाला औसत घरेलू खर्च राष्ट्रीय औसत से अधिक है:

  • ग्रामीण परिवार: ₹7,374 प्रति वर्ष।
  • शहरी परिवार: ₹6,963 प्रति वर्ष।यह योजना परिवारों को कर्ज के जाल में फंसने से बचाएगी और स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच को आसान बनाएगी।

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