पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना’ का आगाज कर दिया है। इस योजना के तहत राज्य के करीब 65 लाख परिवारों को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवरेज मिलेगा। अब पंजाब का हर परिवार, चाहे वह अमीर हो या गरीब, एक ही ‘सेहत कार्ड’ के जरिए सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज करा सकेगा।
योजना की 5 बड़ी बातें
- यूनिवर्सल कवरेज: पहले की योजनाओं में केवल सीमित वर्ग शामिल थे, अब पंजाब का हर परिवार इस योजना का हिस्सा है।
- बीमा राशि में दोगुनी बढ़ोतरी: कवरेज को 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।
- विस्तृत इलाज: योजना में 2356 हेल्थ पैकेज शामिल हैं, जिनमें कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज भी संभव है।
- ट्रांसजेंडर समावेश: समाज के मुख्यधारा से कटे ट्रांसजेंडर वर्ग के लिए विशेष 50 पैकेज शामिल किए गए हैं।
- विशाल नेटवर्क: राज्य के 819 अस्पताल (219 सरकारी और 600 निजी) इस योजना से जुड़ चुके हैं।
पंजीकरण प्रक्रिया (Registration Guide
सरकार ने पंजीकरण को बेहद सरल बनाया है:
- कैंप और केंद्र: स्वास्थ्य विभाग रोजाना 1000 पंजीकरण कैंप लगा रहा है। इसके अलावा ‘सामान्य सेवा केंद्रों’ (CSC) पर भी सुविधा उपलब्ध है।
- जरूरी दस्तावेज: एक फॉर्म के साथ परिवार के सभी सदस्यों का विवरण और वोटर कार्ड की कॉपी अनिवार्य है।
- पुष्टि: पंजीकरण सफल होने पर आपके मोबाइल पर पुष्टिकरण का मैसेज आएगा।
चुनौतियां: बजट और भुगतान का पेच
योजना जितनी भव्य है, चुनौतियां भी उतनी ही बड़ी हैं:
- वित्तीय बोझ: पंजाब पर 2025-26 के अंत तक ₹4,17,146 करोड़ का कर्ज होने का अनुमान है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान ₹1200 करोड़ का बजट अपर्याप्त है; इसे ₹2500 करोड़ तक बढ़ाने की जरूरत है।
- समय पर भुगतान: निजी अस्पतालों के संगठन (PHANA) ने मांग की है कि इलाज का भुगतान 15 दिनों के भीतर होना चाहिए, ताकि अस्पतालों की आर्थिक स्थिति प्रभावित न हो।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का कथन: “बीमा कंपनी को ₹337 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी गई है। मरीजों को कार्ड बनाने से लेकर इलाज तक एक भी पैसा नहीं देना होगा