पंजाब को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में राज्य पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा मोर्चा खोल दिया है। डीजीपी गौरव यादव के नेतृत्व में 20 जनवरी की सुबह से ‘ऑपरेशन प्रहार’ की शुरुआत कर दी गई है। यह महज एक चेकिंग अभियान नहीं, बल्कि गैंगस्टरों के खिलाफ एक सीधी जंग (War on Gangsters) है, जो अगले 72 घंटों तक बिना रुके जारी रहेगी।
12 हजार जवान, 2000 टीमें: चप्पे-चप्पे पर पहरा
इस विशाल अभियान को अंजाम देने के लिए पंजाब पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। राज्यभर में 12,000 से अधिक पुलिस अधिकारी व कर्मचारी तैनात किए गए हैं, जो 2000 से ज्यादा टीमों में बंटकर गैंगस्टरों और उनके संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं। डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि पंजाब की सीमा के भीतर या बाहर बैठा कोई भी अपराधी पुलिस की पकड़ से नहीं बच पाएगा।
विदेशी धरती से वापस लाए जाएंगे अपराधी: ‘AFTEC’ सेल का गठन
पंजाब से बाहर या विदेशों में छिपे गैंगस्टरों पर नकेल कसने के लिए ‘आफ्टेक’ (AFTEC) नाम से एक नया विशेष सेल शुरू किया गया है।
- डीजीपी के अनुसार, वर्तमान में करीब 60 गैंगस्टर देश के बाहर बैठे हैं।
- यह सेल कानूनी उपकरणों (Legal Tools) का इस्तेमाल कर उन्हें भारत वापस लाएगा।
- इनमें से 23 गैंगस्टरों के खिलाफ पहले ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया जा चुका है।
जनता की भागीदारी के लिए हेल्पलाइन
गैंगस्टरों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस ने आम जनता का सहयोग मांगा है। इसके लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर 9394 693 946 जारी किया गया है। कोई भी व्यक्ति इस नंबर पर गैंगस्टरों या उनके गुर्गों से जुड़ी जानकारी साझा कर सकता है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
ट्रैवल एजेंटों और मददगारों पर भी एक्शन
डीजीपी गौरव यादव ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि गैंगस्टरों का साथ देने वाले लोगों को भी नहीं बख्शा जाएगा। विशेष रूप से उन ट्रैवल एजेंटों पर पुलिस की पैनी नजर है जो फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाकर अपराधियों को विदेश भागने में मदद करते हैं। नशे के खिलाफ कार्रवाई का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि अब तक 31,527 FIR दर्ज की जा चुकी हैं और 42,251 गिरफ्तारियां हुई हैं।