आगामी चारधाम यात्रा 2026 को निर्बाध और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। ऋषिकेश स्थित ‘चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप’ में आज एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए आगामी यात्रा के लिए पुख्ता इंतजाम करना है।
हाई-प्रोफाइल बैठक में रणनीति पर मंथन
बैठक की अध्यक्षता गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने की, जिसमें आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में गढ़वाल मंडल के सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस कप्तान (SSP/SP) शामिल हुए।
मुख्य बिंदु: प्रबंधन और सुरक्षा पर जोर
- प्रबंधन एवं नियंत्रण: बैठक का मुख्य एजेंडा यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन (Yatra Management & Control Organization) को सशक्त बनाना रहा।
- अधिकारियों की जवाबदेही: गढ़वाल कमिश्नर ने यात्रा से जुड़े विभिन्न विभागों (लोक निर्माण, स्वास्थ्य, पर्यटन, और परिवहन) के अधिकारियों से अब तक की तैयारियों पर तीखे सवाल-जवाब किए और व्यवस्थाओं को समय से पहले दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए।
- सुरक्षा तंत्र: आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने चारधाम रूट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने भीड़ नियंत्रण (Crowd Management) और आपदा प्रबंधन के लिए पुलिस बल को अधिक सजग रहने को कहा।
सुव्यवस्थित यात्रा का संकल्प
कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने स्पष्ट किया कि यात्रा काल के दौरान तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सड़कों की स्थिति, पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और पंजीकरण प्रक्रिया को और अधिक सरल और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है।