तेहरान/नई दिल्ली, 15 जनवरी 2026: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने अब हिंसक रूप ले लिया है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों (IHR) के अनुसार, अब तक 3,428 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है और 10,000 से अधिक लोग सलाखों के पीछे हैं। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनती दिख रही है।
अमेरिका की सैन्य हलचल और ट्रंप की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने के बाद ईरान ने अमेरिका पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। ताजा अपडेट के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना का एक बड़ा बेड़ा मिडिल ईस्ट की ओर कूच कर चुका है, जिससे सैन्य हमले की आशंका प्रबल हो गई है।
भारतीय नागरिकों के लिए बड़ा संकट
ईरान में करीब 10 से 12 हजार भारतीय मौजूद हैं, जिनमें अधिकांश छात्र हैं।
- एडवाइजरी: भारतीय दूतावास ने नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने या सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा है।
- एयरस्पेस बंद: तेहरान के आसपास हवाई क्षेत्र बंद होने से भारतीय एयरलाइन्स की उड़ानें ठप्प पड़ गई हैं।
- संपर्क टूटा: कई क्षेत्रों में इंटरनेट बंद होने के कारण भारतीय परिवारों का अपने बच्चों (छात्रों) से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
राजनयिक हलचल: जयशंकर ने संभाली कमान
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर लंबी चर्चा की है। भारत की प्राथमिकता वहां फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।