देहरादून: इंसाफ की चौखट पर अंकिता भंडारी के माता-पिता का धैर्य और साहस आज पूरे उत्तराखंड के लिए प्रेरणा बन गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर सीएम पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के दौरान अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने अपनी मांगों को लेकर जो दहाड़ लगाई, उसने सत्ता के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
“VIP का सच आना चाहिए सामने”: पिता का दृढ़ संकल्प
मुलाकात के दौरान वीरेंद्र भंडारी ने स्पष्ट किया कि उनकी बेटी की हत्या के पीछे उस ‘VIP’ का हाथ है, जिसका नाम अब तक पर्दे के पीछे है। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांगें रखीं:
- इस पूरे प्रकरण की CBI जांच कराई जाए।
- जांच सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज की सीधी निगरानी में हो।
- उत्तराखंड की जनता का भरोसा जीतने के लिए पारदर्शिता जरूरी है।
प्रेरणादायक हुंकार: “इज्जत अनमोल है, सौदा नहीं करूँगा”
अंकिता के पिता ने उन लोगों को करारा जवाब दिया जो ‘समझौते’ की झूठी अफवाहें फैला रहे थे। उनका यह बयान हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो अन्याय के खिलाफ खड़ा है:
“मेरी बेटी ने VIP के सामने अपनी अस्मत का सौदा नहीं किया और मौत को चुन लिया। जब मेरी बहादुर बेटी नहीं झुकी, तो मैं उसका पिता होकर कैसे झुक सकता हूँ? मैं न कोई सौदा करूँगा, न पैसे लूँगा। मुझे सिर्फ अपनी बेटी के हत्यारों के लिए फांसी चाहिए।”
सरकार का आश्वासन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परिजनों को ढांढस बंधाया और कहा कि अंकिता को न्याय दिलाना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि साक्ष्यों के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो एक नजीर बनेगी।