प्रयागराज: संगम की रेती पर इन दिनों आस्था का सैलाब उमड़ा है। लेकिन इस मेले में केवल श्रद्धा ही नहीं, बल्कि कठिन तपस्या के ऐसे उदाहरण भी देखने को मिल रहे हैं जो विज्ञान और मानवीय सीमाओं को चुनौती देते हैं। इंटरनेट पर इन दिनों कुछ ऐसे ही ‘अद्भुत संतों’ के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनकी साधना देख हर कोई दंग है।
1. अघोरी साधु का रहस्य: “हड्डियों में भी देखते हैं ईश्वर”
प्रयागराज माघ मेले से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक नागा साधु हड्डी चबाते नजर आ रहे हैं। यह दृश्य भले ही विचलित करने वाला लगे, लेकिन अघोरी परंपरा में इसे ‘वैराग्य’ का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने बताया कि उनकी असली साधना रात 3 बजे शुरू होती है, जब दुनिया सोती है और वे ईश्वर के ‘भाव-भजन’ में लीन होते हैं।
2. 36 साल का संकल्प: राख से स्नान करते ‘छोटे बाबा’
मेले में आकर्षण का केंद्र बने हैं 58 वर्षीय गंगापुरी महाराज। मात्र 3 फुट 8 इंच की हाइट वाले इन बाबा को दुनिया का सबसे छोटा बाबा कहा जा रहा है।
- अर्धनारीश्वर उपासक: हाथों में चूड़ी-कंगन पहने बाबा खुद को अर्धनारीश्वर का भक्त बताते हैं।
- अनोखी साधना: बाबा का दावा है कि उन्होंने 36 सालों से पानी से स्नान नहीं किया है। वे पवित्र राख (भस्म) को ही अपने शरीर पर मलते हैं, जो उनकी अखंड साधना का हिस्सा है।
3. ‘खड़े बाबा’: 7 वर्षों से एक पैर पर अडिग साधना
यूपी के सीतापुर (नैमिषारण्य) से आए 26 वर्षीय नागा बाबा शंकरपुरी की कहानी युवाओं के लिए ‘धैर्य और संकल्प’ की मिसाल है। वह पिछले 7 सालों से एक ही पैर पर खड़े होकर तपस्या कर रहे हैं। उनका यह कठिन व्रत मन पर नियंत्रण और असीम इच्छाशक्ति का प्रतीक माना जा रहा है।