अपराधपंजाब

मोगा में शिव सेना नेता की हत्या के आरोपितों से पुलिस मुठभेड़, पांच फायर किए

मलोट (श्री मुक्तसर साहिब )। मोगा में शिव सेना नेता की हत्या करने वाले तीनों आरोपितों की मुक्तसर की सीआइए मलोट और सीआइए मोगा की टीम के साथ मलोट बस स्टैंड पर रात 10 बजे मुठभेड़ हो गई। आरोपितों ने पुलिस पर पांच फायर किए।

जवाबी कार्रवाई में पुलिस टीम ने चार फायर किए जिसमें आरोपित अरुण उर्फ दीपू पुत्र गुरप्रीत सिंह वासी अंगदपुरा मोहल्ला जिला मोगा व अरुण उर्फ सिंघा पुत्र बब्बू सिंह वासी अंगदपुरा की टांग पर गोली लगी जबकि तीसरा आरोपित राजवीर उर्फ लड्डो वासी वेदांत नगर मोगा भागते समय घायल हो गया। पुलिस टीम ने तीनों आरोपितों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। घायल मलोट के सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। जानकारी के अनुसार पिछले दिनों मोगा में शिव सेना नेता मंगत राम की उक्त तीनों आरोपितों ने हत्या कर दी थी। इसके बाद आरोपितों ने इंटरनेट पर वीडियो डाल कर हत्या की जिम्मेदारी ली।

मोगा सीआइए टीम को तीनों आरोपितों के मुक्तसर जिले के मलोट क्षेत्र में होने की सूचना मिली जिसके बाद मलोट सीआइए टीम के साथ संयुक्त आपरेशन में तीनों आरोपितों की मलोट में घेराबंदी की और उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस टीम ने भी फायर किए और दो आरोपितों को गोली लगी। वहीं तीसरा गिर कर घायल हो गया। तीनों को पुलिस ने काबू कर लिया है। उल्लेखनीय है कि स्थानीय स्टेडियम रोड पर वीरवार को देर शाम कुछ लोगों की ओर से फायरिंग की गई। इस फायरिंग के दौरान शिवसेना बाल ठाकरे शिंदे ग्रुप के अध्यक्ष की मौत हो गई थी।

सिविल अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, मंगतराम मंगा पुत्र धर्म सिंह निवासी इंदिरा कॉलोनी वीरवार को देर शाम स्टेडियम रोड से होते हुए अपने घर जा रहा था। स्टेडियम रोड पर कुछ अज्ञात लोगों ने उसके ऊपर फायरिंग कर दी जिसके कारण गोलियां मंगतराम मंगा को लगी। मंगतराम गंभीर अवस्था में स्टेडियम रोड पर गिर गया। आसपास के लोगों की मदद से इलाज के लिए मोगा के सिविल अस्पताल में लाया गया। जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन घटनास्थल पर पहुंच गया। मोगा में मंगत राम मंगा की हत्या को लेकर हिंदू संगठनों ने रोष जताया। उन्होंने मोगा फिरोजपुर रोड हाईवे जाम कर दिया था। इस दौरान हाईवे से गुजरने वाले लोगों को भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा। हालांकि हिंदू संगठन न्याय करने की मांग करते रहे।

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