कोरोना का नया वैरिएंट तेजी से लोगों को संक्रमित कर रहा है, जिसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने भी लोगों से सावधानी रखने की अपील की है। बता दें कि भारत में कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 के मरीजों की संख्या बढ़कर 63 हो गई है। गोवा में सबसे ज्यादा मरीज नए वैरिएंट जेएन.1 से संक्रमित पाए गए हैं। गोवा में नए वैरिएंस से संक्रमित मरीजों की संख्या 34 है। वहीं महाराष्ट्र में छह, कर्नाटक में आठ, केरल में छह, तमिलनाडु में चार और तेलंगाना में दो लोग नए कोरोना वैरिएंट से संक्रमित पाए गए हैं।
बीते 24 घंटे में देशभर में एक्टिव कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 4054 तक पहुंच गया है। एक दिन पहले एक्टिव मामले 3742 रिपोर्ट किए गए थे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में केवल एक मरीज की मौत हुई है। महाराष्ट्र के ठाणे में कोविड-19 के नए सब वैरिएंट- जेएन.1 के पांच मामले सामने आए हैं। सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटे में कुल 628 मामले आए हैं। इसमें संक्रमण मुक्त हुए 315 लोगों की संख्या भी शामिल है।
COVID-19 JN.1 वेरिएंट के लक्षण
कोविड-19 के अन्य वेरिएंट की तरह इस वेरिएंट के लक्षण भी मिलते-जुलते हैं, जिसकी वजह से इसकी पहचान में दिक्कत हो सकती है, फिर भी आपको अगर यह लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अपनी जांच करवाएं और अगर पॉजिटिव पाए जाते हैं तो जल्द से जल्द इलाज करवाएं।
- गले में खराश
- छाती में भारी होना
- सूखी खांसी
- लगातार नाक बहना
- थकावट महसूस होना
- सिरदर्द रहना
- मांसपेशियों में दर्द
- बुखार
- दस्त
- सूंघने की क्षमता (Smell) कम होना
कोविड 19 के नए वेरिएंड JN.1 से बचाव के लिए क्या करें?
कोविड 19 के नए वेरिएंड JN.1 से बचाव का भी वह तरीका है, जो अन्य वेरिएंट के लिए था, फिर भी अगर आपको याद न हो तो इन उपायों को अपनाकर आप इस नए वेरिएंट से भी अपना बचाव कर सकते हैं-
- मास्क लगाने की आदत डालें
- बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोएं
- जहां साबुन-पानी उपलब्ध न हो, वहां सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें
- घर पर ही रहें, बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें
- बेवजह अपनी नाक, आंख और मुंह को छूने से बचें
- ऊपर बताए गए लक्षण नजर आने पर मरीज को घर में ही आइसोलेट करें
- कोविड-19 वैक्सीन लगवाएं
- लक्षण नजर आने पर टेस्ट करवाएं।
75 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे लोगों को जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है और उन्होंने हाल में कोविड-19 की वैक्सीन नहीं लगवाई है तो उन्हें सांस लेने में तकलीफ जैसे गंभीर लक्षण भी देखने को मिल सकते हैं।