हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की गई। हरिद्वार में पहली बार हुई इस कैबिनेट बैठक को वर्ष 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारियों और प्रदेश के विकास से जुड़े फैसलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया। बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री धामी के साथ मंत्रिमंडल के सभी सदस्य हरिद्वार पहुंचे।
कैबिनेट बैठक से पहले मां गंगा की पूजा-अर्चना
कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सभी मंत्रियों ने हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पर मां गंगा की पूजा-अर्चना की। इस दौरान प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की गई। गंगा पूजन के बाद मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्य मेला नियंत्रण भवन पहुंचे, जहां कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। हरिद्वार में बैठक का आयोजन सरकार की ओर से प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और निर्णय लेने की पहल के तौर पर भी देखा गया।
कुंभ 2027 की तैयारियों पर खास नजर
हरिद्वार में वर्ष 2027 में कुंभ मेला आयोजित होना है। इसे देखते हुए मेले की तैयारियों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर सरकार की गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में कैबिनेट की इस बैठक को कुंभ से जुड़े कार्यों के लिहाज से अहम माना गया। कुंभ मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। बैठक में कुंभ की तैयारियों के साथ-साथ प्रदेश के विकास और विभिन्न विभागों से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार किया जाना था।
सरकार के फैसलों पर टिकीं निगाहें
हरिद्वार में कैबिनेट बैठक ऐसे समय हुई, जब प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सरकार के विकास कार्यों और नीतिगत फैसलों को लेकर भी राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं। बैठक में किन प्रस्तावों पर चर्चा हुई और किन फैसलों को मंजूरी दी गई, इसकी आधिकारिक जानकारी बैठक के बाद सामने आनी थी। फिलहाल, हरिद्वार में हुई इस बैठक को आगामी कुंभ मेले की तैयारियों और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया।