देहरादून में ‘बंद’ की सोशल मीडिया कॉल बेअसर, लोग बोले– राजनीति नहीं, न्याय चाहिए देहरादून। अंकिता भंडारी मर्डर केस को लेकर आज सोशल मीडिया के माध्यम से कथित रूप से ‘बंद’ की कॉल दी गई। इस कॉल का मूल उद्देश्य मामले में सामने आ रहे विवादित ऑडियो क्लिप्स के आधार पर सीबीआई जांच की मांग बताया गया। हालांकि, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही इस प्रकरण में सीबीआई जांच के आदेश दे चुके हैं, ऐसे में इस बंद का कोई खास असर दिखाई नहीं दिया। शहर के अधिकांश बाजार सामान्य रूप से खुले रहे। आम जनजीवन पर बंद का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। लोगों का कहना है कि जब सरकार पहले ही सीबीआई जांच का फैसला ले चुकी है, तो फिर बंद का आह्वान अनावश्यक है। कई व्यापारियों और नागरिकों ने इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करार दिया।
सूत्रों के मुताबिक कुछ विपक्षी दलों से जुड़े संगठन बाजारों में घूमकर लोगों से समर्थन जुटाने का प्रयास करते नजर आए, लेकिन आम जनता ने इसमें खास रुचि नहीं दिखाई। उल्टा, कई स्थानों पर लोगों ने बंद की कॉल का विरोध करते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अंकिता को न्याय मिलना चाहिए, लेकिन इसके लिए प्रदेश को बार-बार अस्थिर करने या आम लोगों को परेशान करने की जरूरत नहीं है। “सीबीआई जांच के आदेश हो चुके हैं, अब प्रक्रिया को अपना काम करने देना चाहिए,”—यह भावना शहर भर में सुनाई दी।