बनबसा-टनकपुर को CM धामी की 4 बड़ी सौगातें, पट्टों के विनियमितीकरण से पक्के आवास तक कई अहम घोषणाएं – Parvat Sankalp News

बनबसा-टनकपुर को CM धामी की 4 बड़ी सौगातें, पट्टों के विनियमितीकरण से पक्के आवास तक कई अहम घोषणाएं

देहरादून/चंपावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत के बनबसा क्षेत्र में विकास और जनहित से जुड़े चार महत्वपूर्ण ऐलान किए हैं। इन घोषणाओं में लंबे समय से लंबित पट्टे की भूमि के विनियमितीकरण से लेकर धार्मिक स्थलों के विकास, इंजीनियरिंग कॉलेज के विस्तार और जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने जैसे विषय शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों का विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का प्रयास है कि इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान किया जाए और शिक्षा, आवास, बुनियादी सुविधाओं तथा धार्मिक पर्यटन से जुड़े विकास कार्यों को गति दी जाए।

पट्टेदारों के विनियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द

मुख्यमंत्री धामी ने घोषणा की कि प्रदेश में श्रेणी-1 ‘ख’ के पट्टों और तराई-भाभर स्टेट के पट्टे की भूमि से जुड़े पट्टेदारों के विनियमितीकरण की कार्यवाही जल्द की जाएगी। लंबे समय से इस प्रक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे संबंधित पट्टेदारों के लिए यह घोषणा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार का कहना है कि विनियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने से संबंधित भूमि से जुड़े मामलों के समाधान की दिशा में रास्ता साफ होगा।

शारदा और कैनाल कॉरिडोर से संवरेंगे प्राचीन मंदिर

बनबसा और टनकपुर क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने शारदा कॉरिडोर और कैनाल कॉरिडोर के अंतर्गत आने वाले प्राचीन एवं पौराणिक मंदिरों के सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र के धार्मिक स्थलों को बेहतर स्वरूप देने के साथ उनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करना है। साथ ही मंदिरों के विकास से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। धार्मिक पर्यटन के विस्तार से स्थानीय स्तर पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने के साथ कारोबार और रोजगार से जुड़े अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

टनकपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के विस्तार के लिए 2.01 हेक्टेयर भूमि

मुख्यमंत्री ने एपीजे अब्दुल कलाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, टनकपुर के विस्तारीकरण के लिए 2.01 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। भूमि उपलब्ध होने के बाद संस्थान के बुनियादी ढांचे के विस्तार और विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सुविधाओं को विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। सरकार की ओर से इसे तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में क्षेत्रीय स्तर पर सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है। इससे कॉलेज में भविष्य में शैक्षणिक एवं संस्थागत विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी और स्थानीय विद्यार्थियों को बेहतर तकनीकी शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को मिलेंगे पक्के घर

बनबसा और टनकपुर के शहरी निकाय क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर लंबे समय से कच्चे या अस्थायी भवनों में रह रहे पात्र नागरिकों के लिए भी मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा की।इन परिवारों को प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत स्थायी और पक्के आवास उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इससे अस्थायी आवासों में रह रहे पात्र परिवारों को सुरक्षित और बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ेगा।

सीमांत क्षेत्रों के विकास पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। बनबसा और टनकपुर जैसे सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ शिक्षा, आवास, धार्मिक स्थलों और पर्यटन से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। स्थानीय जरूरतों और क्षेत्र की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। बनबसा-टनकपुर के लिए की गई इन चार घोषणाओं में भूमि संबंधी मामलों का समाधान, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का विकास, तकनीकी शिक्षा के विस्तार और आवासीय सुविधा जैसे अलग-अलग महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं। सरकार के अनुसार इन कदमों का उद्देश्य सीमांत क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास को गति देना है।

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