देहरादून: देवभूमि की राजनीति में 2027 के महासंग्राम की बिसात बिछनी शुरू हो गई है। जहाँ एक तरफ भाजपा अपना कुनबा बढ़ा रही है, वहीं कांग्रेस ने ‘अनुभव’ और ‘बौद्धिक शक्ति’ के दम पर पलटवार किया है। गुरुवार को कांग्रेस मुख्यालय में उत्साह का सैलाब उमड़ा, जब विभिन्न सरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्त हुए 20 से अधिक पूर्व अधिकारियों ने कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास जताते हुए पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
अनुभव का साथ: सेना से लेकर बैंकिंग दिग्गज कांग्रेस में शामिल
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की मौजूदगी में कांग्रेस का परिवार और मजबूत हुआ है।
- प्रमुख जॉइनिंग: बैंकिंग सेक्टर में 40 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले प्रीतम सिंह आर्या के नेतृत्व में ऑर्डनेंस विभाग, भारतीय सेना और अन्य महत्वपूर्ण विभागों के पूर्व अधिकारियों ने ‘हाथ’ का साथ चुना।
- स्वागत समारोह: गणेश गोदियाल और हरीश रावत ने अनुभवी अधिकारियों को पटका और माला पहनाकर उनका स्वागत किया और इसे राज्य के भविष्य के लिए एक शुभ संकेत बताया।
“अनुभव से मिलेगी मजबूती”: गणेश गोदियाल
इस मौके पर उत्साहित गणेश गोदियाल ने कहा कि अनुभवी अधिकारियों का जुड़ाव इस बात का प्रमाण है कि समाज का प्रबुद्ध वर्ग अब बदलाव चाहता है।
“जब समाज के मार्गदर्शक (रिटायर्ड अधिकारी) राजनीति में सक्रिय होते हैं, तो यह व्यवस्था परिवर्तन की शुरुआत होती है। इनका अनुभव कांग्रेस को नई धार देगा।”
मिशन 2027: सत्ता वापसी की तैयारी
हरीश रावत ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि प्रदेश की जनता वर्तमान सरकार की नीतियों से त्रस्त है। 2027 का चुनाव केवल सत्ता का नहीं, बल्कि उत्तराखंड के स्वाभिमान का है। जहाँ भाजपा तीसरी बार काबिज होने की जुगत में है, वहीं कांग्रेस अपने कुनबे को ‘अनुभव और युवा जोश’ के मेल से अभेद्य बना रही है।