पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में बारिश के दौरान उफनाए बरसाती नाले में स्कूटी बहने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। थल-बेरीनाग सड़क पर बरड़ के पास हुए इस हादसे में स्कूटी सवार दो युवक गहरे गदेरे में बह गए। ग्रामीणों ने एक युवक को घायल अवस्था में बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जबकि दूसरे युवक का शव सोमवार सुबह पुलिस और एसडीआरएफ की खोजबीन के दौरान बरामद हुआ।
थल-बेरीनाग सड़क पर हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 9 बजे दोनों युवक स्कूटी से बेरीनाग की ओर जा रहे थे। थल से लगभग चार किलोमीटर दूर बरड़ के पास बारिश के कारण बरसाती नाला उफान पर था। इसी दौरान नाला पार करते समय उनकी स्कूटी अनियंत्रित होकर पानी के तेज बहाव में बह गई और सड़क से कई फीट नीचे गहरे गदेरे में जा गिरी। हादसे के बाद दोनों युवक पानी के बहाव में फंस गए। उनकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मदद के लिए पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।
ग्रामीणों ने गौरव को बचाया, हिमांशु का मिला शव
स्थानीय ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए गौरव कुमार को घायल अवस्था में गदेरे से बाहर निकाला। इसके बाद उसे तत्काल थल अस्पताल पहुंचाया गया। गौरव की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, दूसरे युवक हिमांशु नयाल का रात में अंधेरा होने के कारण पता नहीं चल सका। सोमवार सुबह पुलिस और एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची और खोज अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान हिमांशु का शव गदेरे में पड़ा मिला।
दारमा वैली घूमकर लौट रहे थे दोनों युवक
पुलिस के अनुसार, दोनों युवक अल्मोड़ा जिले के रहने वाले थे और धारचूला की दारमा वैली घूमने गए थे। हादसे में जान गंवाने वाले हिमांशु नयाल पुत्र शिवपाल सिंह नयाल, तिल गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। वहीं, घायल गौरव कुमार पुत्र गिरीश राम, नैनोली भगतोला का निवासी है। गौरव की उम्र 18 वर्ष बताई गई है। घटना की सूचना दोनों युवकों के परिजनों को दे दी गई है। परिजनों के पहुंचने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
थानाध्यक्ष ने दी जानकारी
थल के थानाध्यक्ष गणेश भट्ट के अनुसार, घटना की सूचना परिजनों को दे दी गई है। परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पंचनामा भरने और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में बरसाती नालों और गदेरों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। ऐसे में तेज बहाव वाले नालों को पार करना जानलेवा साबित हो सकता है। यह हादसा एक बार फिर बरसात के मौसम में सतर्कता बरतने की जरूरत को रेखांकित करता है।