थराली: उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली विकासखंड के अंतर्गत कुलसारी में पिंडर नदी से एक पूर्व सैनिक का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान देवाल विकासखंड की ग्राम पंचायत देवसारी निवासी 59 वर्षीय सुदर्शन सिंह गड़िया, पुत्र गोविंद सिंह गड़िया के रूप में हुई है। वह गढ़वाल राइफल्स में सेवाएं दे चुके थे। गुरुवार सुबह घर से निकले सुदर्शन सिंह देर शाम तक वापस नहीं लौटे थे। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे, इसी बीच शुक्रवार को नदी में उनका शव मिलने की सूचना मिली। फिलहाल, उनकी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
कुलसारी झूला पुल के पास नदी में मिला शव
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को कुलसारी झूला पुल के समीप पिंडर नदी में ग्रामीणों ने एक व्यक्ति का शव देखा। इसकी सूचना फैलते ही आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्काल थराली थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने पर एसआई लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शव नदी के बीचोंबीच फंसा हुआ था, जिसे बाहर निकालने के लिए पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। काफी प्रयासों के बाद शव को नदी से बाहर निकाला गया और मृतक की पहचान की कार्रवाई शुरू की गई।
गुरुवार सुबह सैनिक कैंटीन जाने की बात कहकर निकले थे
परिजनों के अनुसार, सुदर्शन सिंह गड़िया गुरुवार सुबह ग्वालदम स्थित अपने आवास से थराली की सैनिक कैंटीन जाने की बात कहकर निकले थे। देर शाम तक घर वापस नहीं पहुंचने पर परिजन चिंतित हो गए। इसके बाद उन्होंने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल पाया। इसी बीच शुक्रवार को कुलसारी के पास पिंडर नदी में शव मिलने की सूचना सामने आई। पहचान होने के बाद पुलिस ने परिजनों को घटना की जानकारी दी।
पोस्टमार्टम के लिए कर्णप्रयाग भेजा गया शव
पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग भेज दिया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सुदर्शन सिंह गड़िया की मौत किन परिस्थितियों में हुई। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की आगे की जांच से मौत के कारणों का पता चलने की उम्मीद है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि घर से सैनिक कैंटीन जाने की बात कहकर निकले पूर्व सैनिक का शव पिंडर नदी तक कैसे पहुंचा। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।