पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव की सरगर्मी तेज, नामांकन के बाद मुकाबला हुआ रोचक

पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्र राजनीति अब चुनावी मोड में पूरी तरह आ गई है। छात्र संगठनों ने सोमवार को अपने उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल किए, जिसके बाद कैंपस में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी से अंकित बिढान, पीयूडीएफ से अरमान सिंह, एनएसयूआई से गुरमन सिद्धू, एसैप से आदिल बराड़, आईसा से अरमान सिंह और सत्थ से दर्शप्रीत सिंह के नाम सामने आए हैं। अलग-अलग संगठनों की ओर से उम्मीदवारों को मैदान में उतारने के साथ मुकाबला बहुकोणीय होता दिख रहा है। उपाध्यक्ष पद के लिए एनएसयूआई ने आकांक्षा ठाकुर और आईसा ने अमीन को उम्मीदवार बनाया है। एएसए की ओर से रमनीक परोचा भी चुनावी मैदान में हैं, हालांकि उनके पद को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
नामांकन के साथ ही छात्र संगठनों ने अपने चुनावी मुद्दों को भी सामने लाना शुरू कर दिया है। इस बार हॉस्टल की समस्याएं, कैंपस की सुरक्षा, सफाई व्यवस्था और छात्र फंड के इस्तेमाल में पारदर्शिता जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं। छात्र संगठन विद्यार्थियों की रोजमर्रा की परेशानियों को अपने अभियान का हिस्सा बना रहे हैं। हॉस्टल, कैंटीन, स्टूडेंट्स सेंटर और कैंपस के अन्य प्रमुख स्थानों पर छात्रों से संपर्क बढ़ गया है। चुनाव प्रचार में सोशल मीडिया की भी बड़ी भूमिका देखने को मिल रही है। उम्मीदवार और छात्र संगठन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अपने एजेंडे और प्रचार सामग्री को छात्रों तक पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा पोस्टर और स्टिकर के माध्यम से भी कैंपस में प्रचार तेज हो गया है। पिछले साल कई छात्र संगठनों ने गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार अभी तक किसी बड़े गठबंधन का ऐलान सामने नहीं आया है। ऐसे में प्रत्येक संगठन अपने दम पर चुनावी ताकत दिखाने की तैयारी में नजर आ रहा है। नामांकन प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है। उम्मीदवारों के सामने आने के बाद अब कैंपस में प्रचार, जनसंपर्क और छात्र समर्थन जुटाने की होड़ और तेज होगी। पंजाब यूनिवर्सिटी का छात्रसंघ चुनाव हर साल कैंपस की राजनीति के साथ-साथ छात्र मुद्दों को लेकर भी चर्चा में रहता है। इस बार अलग-अलग संगठनों के अलग एजेंडे और संभावित त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबले ने चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है।




