देहरादून में कांग्रेस 8 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन करने जा रही है। पार्टी की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार कांग्रेस मुख्यालय से घंटाघर तक रैली निकाली जाएगी। इसके बाद घंटाघर पहुंचकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किए जाने की तैयारी है। कांग्रेस का यह प्रदर्शन देशभर में चल रहे उसके व्यापक अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। पार्टी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की आशंका है और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, चुनाव आयोग और सत्तापक्ष इन आरोपों को लेकर अलग-अलग पक्ष रखते रहे हैं।
वोटर लिस्ट में नाम हटाने को लेकर कांग्रेस का अभियान
कांग्रेस लंबे समय से मतदाता सूची में नामों के पुनरीक्षण और SIR की प्रक्रिया को लेकर विरोध दर्ज करा रही है। पार्टी का कहना है कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटता है, तो उसका सीधा असर उसके मतदान के अधिकार पर पड़ सकता है। कांग्रेस इस मुद्दे को मताधिकार और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जोड़कर जनता के बीच ले जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया में पारदर्शिता और उचित सत्यापन जरूरी है, ताकि पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न हों। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम तैयार किया है। हाल के दिनों में दिल्ली में भी विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR को लेकर प्रदर्शन किया है।
राहुल गांधी के नेतृत्व में अभियान का दावा
कांग्रेस की ओर से इस अभियान को राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। पार्टी ने इसे मतदाता अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े सवालों के साथ जोड़ा है।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी या पात्र मतदाताओं के नाम हटने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी इसी मुद्दे को लेकर लगातार चुनाव आयोग के खिलाफ राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर विरोध दर्ज करा रही है। हाल के दिनों में INDIA ब्लॉक के नेताओं ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन किया है। 6 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने SIR को वापस लेने और कथित तौर पर हटाए गए नामों को बहाल करने की मांग भी उठाई।
8 अक्टूबर को देहरादून में क्या होगा?
उत्तराखंड में कांग्रेस ने इस अभियान के तहत 8 अक्टूबर को देहरादून में प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा है। पार्टी मुख्यालय से कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता रैली के रूप में घंटाघर की ओर जाएंगे। घंटाघर पहुंचने के बाद प्रदर्शन और सभा का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके बाद कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया जाएगा। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी संगठन की ओर से कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।
अनुच्छेद 326 का भी उठेगा मुद्दा
कांग्रेस के इस आंदोलन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 का मुद्दा भी प्रमुख रूप से उठाया जा रहा है। अनुच्छेद 326 लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों के लिए वयस्क मताधिकार के आधार से संबंधित है। कांग्रेस इस संवैधानिक प्रावधान को मतदाता अधिकारों के संदर्भ में सामने रखते हुए यह तर्क दे रही है कि पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसी क्रम में पार्टी के विभिन्न स्तरों पर आयोजित कार्यक्रमों में संविधान और मताधिकार से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख किया जा रहा है। हालिया कांग्रेस कार्यक्रमों में भी अनुच्छेद 326 का सार्वजनिक वाचन किए जाने की जानकारी सामने आई है।
देहरादून में पहले भी हो चुका है प्रदर्शन
ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर उत्तराखंड कांग्रेस पहले भी देहरादून में प्रदर्शन कर चुकी है। सितंबर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने देहरादून में सचिवालय कूच किया था और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग लगाकर रोका था। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन से घंटाघर तक रैली निकालकर भी विरोध दर्ज कराया था। इस दौरान पुतला दहन को लेकर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक की स्थिति भी बनी थी।
अब 8 अक्टूबर के प्रदर्शन पर नजर
ऐसे में 8 अक्टूबर को देहरादून में होने वाले कांग्रेस के प्रदर्शन को पार्टी के चल रहे राष्ट्रीय अभियान की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस जहां मतदाता सूची और SIR की प्रक्रिया को लेकर अपने सवाल उठा रही है, वहीं मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को भी आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बना रही है। अब देखना होगा कि 8 अक्टूबर को देहरादून में कांग्रेस का प्रदर्शन किस स्तर तक पहुंचता है और इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता चुनाव आयोग, मतदाता सूची और संविधान के अनुच्छेद 326 को लेकर क्या प्रमुख बातें रखते हैं।