देहरादून/काशीपुर: काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या का मामला अब राजनीतिक गलियारे में तूल पकड़ चुका है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज मृतक किसान के गांव ‘पैगा’ पहुँचा। कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी और इस पूरी घटना को राज्य की कानून व्यवस्था के लिए एक काला अध्याय करार दिया।
गणेश गोदियाल: “इंसानियत को झकझोरने वाला है यह मामला”
परिजनों से मुलाकात के बाद प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह मामला धामी सरकार और उत्तराखंड पुलिस के चेहरे पर कलंक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने धोखाधड़ी की शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय, आरोपियों से सांठगांठ की और पीड़ित किसान को ही इस कदर प्रताड़ित किया कि उसे मौत को गले लगाना पड़ा। गोदियाल ने मांग की कि दोषी पुलिसकर्मियों को केवल सस्पेंड नहीं, बल्कि तत्काल ब बर्खास्त किया जाए।
यशपाल आर्य: “50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी दे सरकार”
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार की नीतियों को अमानवीय बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि सत्ता के अहंकार का परिणाम है।” आर्य ने पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की पुरजोर मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी।
कांग्रेस की मुख्य मांगें:
- पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच हो।
- दोषी पुलिस अधिकारियों पर ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ का मुकदमा दर्ज हो।
- भ्रष्ट अधिकारियों की तुरंत सेवा समाप्ति (बर्खास्तगी) की जाए।
- पीड़ित परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता और नौकरी मिले।