कांवड़ मेला 2026: उत्तराखंड पुलिस हाई अलर्ट पर, डीजीपी दीपम सेठ ने सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर जारी किए व्यापक दिशा-निर्देश

आगामी श्रावण कांवड़ मेला 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। लाखों शिवभक्तों की संभावित आमद को देखते हुए पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, तकनीकी निगरानी, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और अंतरराज्यीय समन्वय सहित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा हरिद्वार, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, जीआरपी तथा एसडीआरएफ के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। डीजीपी ने स्पष्ट कहा कि कांवड़ मेला उत्तराखंड का सबसे संवेदनशील धार्मिक आयोजनों में से एक है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल रहेगा तैनात
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर स्थित संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों का पहले से सर्वे कर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, रिजर्व फोर्स और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही एटीएस, एसटीएफ, बम निरोधक दस्ता (BDS), खुफिया इकाइयों और रैपिड रिस्पॉन्स टीम को रणनीतिक स्थानों पर सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।

स्नान घाटों और यात्रा मार्गों पर विशेष सुरक्षा
हरिद्वार सहित प्रमुख स्नान घाटों पर एसडीआरएफ, गोताखोरों और आपदा राहत टीमों की तैनाती की जाएगी ताकि किसी भी आकस्मिक घटना की स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। पुलिस को यात्रा मार्गों पर लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
ट्रैफिक और डायवर्जन की विस्तृत योजना
कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों, वैकल्पिक मार्गों, पार्किंग स्थलों, होल्डिंग एरिया और डायवर्जन का विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाएगा। इस योजना की जानकारी उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं तक सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म, फ्लैक्स और होर्डिंग्स के माध्यम से पहले ही पहुंचाई जाएगी।
इसके अतिरिक्त भारी वाहनों के लिए समयबद्ध डायवर्जन, अस्थायी पुलिस चौकियां, मोबाइल पेट्रोलिंग और पैदल एवं डाक कांवड़ियों के लिए अलग मार्ग सुनिश्चित किए जाएंगे, ताकि स्थानीय नागरिकों को भी न्यूनतम असुविधा हो।
CCTV और ड्रोन से होगी 24 घंटे निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रमुख मंदिरों, घाटों, कांवड़ मार्गों, पार्किंग क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हाई-रिजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे तथा ड्रोन के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। फायर सेफ्टी ऑडिट भी पहले से पूरा कराया जाएगा और आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त अग्निशमन संसाधन उपलब्ध रहेंगे।
सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी
डीजीपी ने निर्देश दिए कि सोशल मीडिया सेल यात्रा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं जैसे ट्रैफिक अपडेट, मौसम, डायवर्जन और सुरक्षा संबंधी जानकारी लगातार साझा करे। साथ ही साइबर कमांडो की विशेष टीम हरिद्वार में कैंप कर सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों, फर्जी खबरों और भड़काऊ सामग्री पर 24×7 निगरानी रखेगी। किसी भी भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ पुलिस कर्मियों की सुविधाओं पर भी जोर
बैठक में ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के आवास, भोजन, पेयजल, विश्राम और स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। डीजीपी ने कहा कि बेहतर सुविधाएं मिलने से पुलिस बल का मनोबल और कार्यक्षमता दोनों मजबूत रहेंगे।
सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने पर विशेष फोकस
पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। वहीं सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने, अफवाह फैलाने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। डीजीपी दीपम सेठ ने विश्वास जताया कि उत्तराखंड पुलिस पूरी सतर्कता, समन्वय और सेवा भावना के साथ कार्य करते हुए कांवड़ मेला 2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।




