उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय को मिला नया सारथी: प्रो. रमाकांत पाण्डेय बने कुलपति।

देहरादून/हरिद्वार: उत्तराखंड की पावन धरती पर संस्कृत शिक्षा को नए आयाम देने के लिए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने एक बड़ा निर्णय लिया है। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर के निदेशक प्रो. रमाकांत पाण्डेय को उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार का नया कुलपति (VC) नियुक्त किया गया है।

अकादमिक जगत का एक बड़ा चेहरा: प्रोफेसर पाण्डेय का व्यक्तित्व केवल एक प्रशासनिक अधिकारी का नहीं, बल्कि एक प्रखर विद्वान का है। 31 वर्षों का अध्यापन अनुभव, 65 प्रकाशित पुस्तकें और 150 शोध पत्र उनकी विद्वत्ता की गवाही देते हैं। उन्होंने एम.ए., पीएचडी और डी.लिट् जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त की है, जो संस्कृत के प्रति उनके अटूट समर्पण को दर्शाती है।

प्रशासनिक अनुभव की नई पारी: सिर्फ अकादमिक ही नहीं, प्रो. पाण्डेय के पास 15 वर्षों का व्यापक प्रशासनिक अनुभव भी है। उन्होंने दूरस्थ शिक्षा, भोपाल परिसर और जयपुर परिसर जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। उनके मार्गदर्शन में 25 छात्रों ने पीएचडी पूरी की है, जो उनके कुशल नेतृत्व का प्रमाण है।

उम्मीदों का नया दौर: राज्यपाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रो. पाण्डेय 3 वर्षों तक इस पद पर रहेंगे। उनकी नियुक्ति से उम्मीद जताई जा रही है कि उत्तराखंड में संस्कृत शिक्षा के गिरते स्तर में सुधार होगा और यह विश्वविद्यालय वैश्विक पटल पर अपनी पहचान बनाएगा। उनकी विदेश यात्राओं (लंदन, आयरलैंड, थाईलैंड) का वैश्विक विजन विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीयकरण में सहायक होगा।

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