उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी: रेड अलर्ट और 260 बंद सड़कों के बीच प्रशासन अलर्ट मोड में

उत्तराखंड में मानसून ने इस बार कहर बरपाया हुआ है। पहाड़ों से लेकर मैदान तक भारी बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और टिहरी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी कर लोगों को सावधान रहने की चेतावनी दी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश का मौसम तीन सितंबर तक बिगड़ा रहेगा और इस दौरान लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

IMD ने जारी किया रेड और येलो अलर्ट
मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि राजधानी देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और टिहरी जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इस वजह से इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में मध्यम से भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट रहेगा।

260 सड़कें बंद, राहत-बचाव कार्य जारी
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश की करीब 260 सड़कें बंद हो गई हैं। प्रशासन और स्थानीय निकाय लगातार प्रभावित मार्गों को खोलने के लिए कार्यरत हैं। राहत और बचाव दल पहाड़ी क्षेत्रों में फंसे लोगों की मदद के लिए तैयार हैं। मौसम विभाग के अनुसार बारिश का सिलसिला तीन सितंबर तक जारी रहेगा, जिससे और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है।

2 और 3 सितंबर का मौसम
मौसम विभाग ने 2 सितंबर को देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताया है और रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, 3 सितंबर को राज्य के अधिकांश जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। इस दिन प्रदेश के सभी जिलों में येलो अलर्ट रहेगा।

लोगों से अपील
अधिकारियों ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। पर्वतीय इलाकों में मलबा गिरने और भूस्खलन का खतरा अधिक है, इसलिए घरों से अनावश्यक बाहर न निकलें। सड़क मार्गों पर यात्रा करते समय अधिकारियों द्वारा दी गई चेतावनियों और बैरिकेडिंग का पालन करें।

अधिकारियों की तैयारियां
राज्य प्रशासन ने कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं और आपदा प्रबंधन टीमों को 24×7 अलर्ट पर रखा गया है। बांधों और नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, जेसीबी और बचाव दल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। उत्तराखंड में बारिश के इस दौर ने सभी की सावधानी और तत्परता की जरूरत को और अधिक स्पष्ट कर दिया है। प्रशासन ने कहा है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस दौरान हर संभव सहायता मुहैया कराई जाएगी।

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