भाजपा नेता अरविंद सिंह तोमर ने दिया इस्तीफा
CBI जांच में हो रही देरी से आहत होकर अरविंद सिंह तोमर ने इस्तीफा दे दी दिया है। बता दें अरविंद पूर्व में क्षेत्र पंचायत सदस्य रसूलपुर रह चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने बूथ अध्यक्ष, मंडल महामंत्री युवा मोर्चा, मंडल उपाध्यक्ष युवा मोर्चा, मंडल महामंत्री जनजाति मोर्चा जैसे पदों पर कार्य किया। इसके अलावा लोकसभा चुनाव के दौरान वे जिला सोशल मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं और वर्तमान में पार्टी के सक्रिय सदस्य के रूप में कार्यरत थे।
धामी सरकार से की CBI जांच की मांग
इस्तीफे की घोषणा करते हुए अरविंद ने कहा कि रविवार को परेड ग्राउंड में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए जो जन सैलाब उमड़ा, वह उसके समर्थन में हैं। उन्होंने सरकार और पार्टी से मांग की कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जांच जल्द से जल्द कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के कुछ दो-तीन नेताओं की वजह से पार्टी की छवि धूमिल हो रही है।
दो-तीन नेताओं की वजह से हो रही पार्टी की छवि धूमिल: अरविंद
अरविंद सिंह तोमर ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से वे मानसिक रूप से आहत हैं और इसी कारण उन्होंने पार्टी की सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के कुछ दो-तीन नेताओं की वजह से भारतीय जनता पार्टी की छवि धूमिल हो रही है।

भाजपा नेता वीरेंद्र सिंह रावत ने भी की CBI जांच की मांग
BJP के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह रावत ने भी धामी सरकार से CBI जांच की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि ‘भाजपा कार्यकर्ता के रूप में अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह पूर्वक निवेदन करता हूं कि उत्तराखंड राज्य हित में हम सब की बेटी बहन अंकिता जो आज हमारे बीच नहीं है उसके हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति करें ऐसा करने से राज्य में आपका मान सम्मान बढ़ेगा’।
वीरेंद्र सिंह रावत ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि ‘मेरा प्रदेश अध्यक्ष से आग्रह पूर्वक निवेदन है कि आप जो आंदोलन करा रहे हैं उससे पार्टी की छवि धूमिल हो रही है पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं के पास मीडिया और जनता के प्रश्नों का जवाब देने के लिए कोई कारगर उत्तर नहीं है जिससे पार्टी की फजीहत हो रही है कृपया पार्टी एवं सरकार की छवि को बचाएं’।