उत्तराखण्ड

उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार उठाने जा रही अहम कदम

 देहरादून: उत्तराखंड के खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में चार प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के लिए राज्य सरकार अध्यादेश ला रही है। न्याय विभाग ने अध्यादेश लाने को मंजूरी दे दी है। कार्मिक विभाग की भी हरी झंडी मिलने के बाद अब इसे आगामी प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लाया जाएगा।  प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार कुछ अहम कदम उठाने जा रही है। सरकार खिलाड़ियों के लिए नौकरियों में चार प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का कानून बनाने जा रही है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पूर्व में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का शासनादेश था, लेकिन 2013 में हाईकोर्ट ने इस शासनादेश को रद्द कर दिया था।

उत्तराखंड के खिलाड़ी
उत्तराखंड के खिलाड़ी

खेल मंत्री रेखा आर्य के मुताबिक प्रदेश के खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ दिया जा सके इसके लिए न्याय और कार्मिक से सहमति मिल गई है। न्याय विभाग की सहमति पर इसके लिए नियमावली बनाई गई है। कैबिनेट के माध्यम से अध्यादेश लाकर या विधानसभा के माध्यम से इसे कानून बनाया जाएगा। इससे प्रदेश में खेल का और बेहतर माहौल बनेगा व खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा।

 

अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता को सीधे सरकारी नौकरी देने की तैयारी

 

प्रदेश सरकार हरियाणा राज्य की तर्ज पर उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय पदक विजेतों को 5400 ग्रेड पे पर सीधे नौकरी देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए तैयार प्रस्ताव को वित्त और कार्मिक विभाग से मंजूरी मिल गई है। इसका शासनादेश जारी होते ही हरियाणा के बाद उत्तराखंड देश का दूसरा सीधे नौकरी देने वाला राज्य बन जाएगा।

खेल मंत्री रेखा आर्य ने कहा सरकार की ओर से खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधे नौकरी मिलने से इन्हें प्रोत्साहन मिलेगा, उत्तराखंड को खेलभूमि के नाम से भी जाना जा सकेगा।  निदेशक खेल जितेंद्र सोनकर ने कहा  प्रदेश के अंतराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को 5400 ग्रेड पे पर सीधे नौकरी दिए जाने के प्रस्ताव को वित्त और कार्मिक से हरी झंडी मिल गई है। प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अब इसका शासनादेश होना है। 

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