PUNJAB

किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक: 13 साल बाद लौटी बैलगाड़ी दौड़, कुलवंत सिंह ने जीती ट्रॉफी।

 पंजाब की समृद्ध खेल संस्कृति के प्रतीक ‘किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक’ का गुरुवार को यादगार समापन हुआ। तीन दिनों तक चले इस खेल कुंभ ने न केवल खिलाड़ियों के जोश, बल्कि पंजाब की विरासती पहचान को भी पूरी दुनिया के सामने पेश किया। इस वर्ष का मुख्य आकर्षण 13 साल के लंबे अंतराल के बाद फिर से शुरू हुई ऐतिहासिक बैलगाड़ी दौड़ रही, जिसे मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने वादे के अनुरूप पुनर्जीवित किया।

बैलगाड़ी दौड़ में कुलवंत सिंह बने विजेता

13 साल बाद जब मैदान पर बैलगाड़ियों की गर्जना सुनाई दी, तो दर्शकों का उत्साह चरम पर था। इस रोमांचक मुकाबले में:

  • कुलवंत सिंह ने प्रथम स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया।

  • रेशम सिंह दूसरे और गुरविंदर सिंह तीसरे स्थान पर रहे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद विजेताओं को सम्मानित किया और कहा कि इन खेलों के बिना ‘रंगला पंजाब’ की कल्पना करना नामुमकिन है।

मैदान पर दिखा ‘बाजीगरों’ का दम: अन्य खेलों के नतीजे

अंतिम दिन विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में कड़ा मुकाबला देखने को मिला:

  • हॉकी: पुरुष वर्ग में कुरुक्षेत्र की टीम ने बाजी मारी, वहीं महिला वर्ग में पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला चैंपियन बनी।

  • रस्साकशी: मोगा की खोसा कोटला टीम ने अपना दबदबा कायम रखते हुए पहला स्थान पाया।

  • एथलेटिक्स: 2000 मीटर साइकिल रेस में कुवरप्रीत सिंह और प्रीती अव्वल रहे। वहीं 200 मीटर दौड़ में हरजीत सिंह और रिशिता ने गोल्ड मेडल जीता।

  • हाईजंप: बलजीत सिंह और डोली ने अपनी छलांग से दर्शकों का दिल जीत लिया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि पंजाब सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण स्तर पर बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेगी, ताकि युवाओं को नशे से दूर कर मैदानों की ओर लाया जा सके।

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