‘वंदे मातरम’ विवाद में सोनिया गांधी के खिलाफ पुलिस शिकायत, BJP ने की कार्रवाई की मांग

वंदे मातरम’ को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब पुलिस शिकायत तक पहुंच गया है। रविवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने कर्नाटक के उरवा पुलिस स्टेशन में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रगीत के गायन के दौरान कथित तौर पर ऐसा व्यवहार किया गया, जिससे राष्ट्रगीत से जुड़ी भावनाओं को ठेस पहुंची। BJP नेताओं की ओर से पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं विकास के. और राजगोपाल का कहना है कि मामले में भारतीय न्याय प्रक्रिया संहिता (BNSS) के तहत संबंधित कानूनी धाराओं के आधार पर FIR दर्ज की जा सकती है। हालांकि, शिकायत दर्ज होने तक पुलिस की ओर से FIR दर्ज किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। विवाद की शुरुआत स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम से हुई। कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम’ का गायन किया गया था। सामने आए वीडियो को लेकर BJP नेताओं ने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता राष्ट्रगीत के दौरान आपस में बातचीत करते नजर आए। BJP ने इसे राष्ट्रगीत के प्रति कथित अनादर बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा।
इस मामले को लेकर BJP सांसद मनोज तिवारी ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व के मन में ‘वंदे मातरम’ को लेकर असहजता और सम्मान की कमी है। BJP नेताओं का कहना है कि राष्ट्रगीत देश के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय भावना से गहराई से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसके गायन के दौरान उचित सम्मान और अनुशासन बनाए रखना चाहिए। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी इस मुद्दे पर सोनिया गांधी से माफी की मांग की। अधिकारी ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण को गाए जाने पर आपत्ति जताई गई थी। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय से जुड़े इस राष्ट्रगीत के मुद्दे पर विवाद से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। सुवेंदु अधिकारी ने सोनिया गांधी से बिना शर्त माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने पर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जा सकते हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी पार्टी का रुख स्पष्ट करने और पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देने की मांग की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस विवाद को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। चित्तौड़गढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम’ के गायन को बीच में रोकने के लिए सोनिया गांधी ने कहा था। शाह ने कांग्रेस से लोगों और ‘वंदे मातरम’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की स्मृति के प्रति माफी मांगने की मांग की। अमित शाह ने कांग्रेस पर वोट-बैंक की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से पार्टी ‘वंदे मातरम’ के महत्व को नजरअंदाज कर रही है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है, इस पर भी राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब संसद ने राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून में संशोधन किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ के जरिए ‘वंदे मातरम’ को लेकर भी कुछ ऐसे कानूनी प्रावधान लागू किए गए हैं, जो पहले राष्ट्रगान से संबंधित थे। अब सोनिया गांधी के खिलाफ दर्ज शिकायत के बाद यह मामला राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर कानूनी प्रक्रिया की ओर जाता दिखाई दे रहा है। फिलहाल पुलिस की ओर से शिकायत की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी बाकी है। आने वाले दिनों में इस मामले पर BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है।




