उत्तराखण्ड

देहरादून महायोजना-2041 जनसुनवाई में उमड़ी जनभागीदारी, नागरिकों के सुझावों से तैयार होगा भविष्य का विकास मॉडल

देहरादून महायोजना-2041 को अधिक प्रभावी, जनकेंद्रित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में आयोजित जनसुनवाई अभियान में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। हुडा कार्यालय, राजीव गांधी कॉम्प्लेक्स, तहसील चौक में आयोजित जनसुनवाई शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, भू-स्वामियों, सामाजिक संगठनों, विशेषज्ञों एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर अपने सुझाव, आपत्तियां और विकास संबंधी विचार प्रशासन के समक्ष रखे।

जनसुनवाई के दौरान शहर के यातायात प्रबंधन, सड़क एवं आधारभूत ढांचे का विस्तार, पार्किंग व्यवस्था, हरित क्षेत्र संरक्षण, जल निकासी प्रणाली, पर्यावरण संतुलन, सार्वजनिक सुविधाओं, आवासीय एवं व्यावसायिक विकास, शहरी नियोजन और स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए। नागरिकों ने अपने अनुभवों के आधार पर ऐसे सुझाव दिए, जो आने वाले वर्षों में देहरादून के संतुलित और व्यवस्थित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक सुझाव और आपत्ति का तकनीकी, विधिक एवं व्यवहारिक स्तर पर विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। जिन सुझावों को जनहित और नियोजन की दृष्टि से उपयुक्त पाया जाएगा, उन्हें महायोजना-2041 में शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

उद्देश्य यह है कि देहरादून का विकास केवल वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित न रहे, बल्कि आने वाले दशकों की जनसंख्या, यातायात, पर्यावरण और शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक दूरदर्शी योजना तैयार की जाए। महायोजना-2041 केवल भवन निर्माण या भूमि उपयोग का दस्तावेज नहीं, बल्कि भविष्य के देहरादून का समग्र विकास खाका है। इसमें आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, बेहतर सार्वजनिक परिवहन, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

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