उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में तीन दिन के रेड और ऑरेंज अलर्ट के बीच CM पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

उत्तराखंड में मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए प्रदेश के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्तरीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर आपदा प्रबंधन एवं राहत बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट कहा कि अत्यधिक वर्षा और भूस्खलन की आशंका के चलते प्रदेश में सतर्कता बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल कदम उठाने, तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए तत्पर रहने के निर्देश दिए।

आपदा प्रभावितों के प्रति संवेदनशीलता

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। वे प्रभावितों के दुख और पीड़ा को समझते हैं और अधिकारियों से अपेक्षा रखते हैं कि वे जनजीवन को सुरक्षित बनाने के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। इसके साथ ही सभी अधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई।

मुख्य निर्देश और कार्य

  • बैली ब्रिज निर्माण: ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे में बहे पुल के लिए बीआरओ को जल्द से जल्द बैली ब्रिज बनाने और यातायात सुचारू करने के निर्देश।
  • गंगोत्री हाइवे सुरक्षा: यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंगोत्री हाइवे को बेहतर स्थिति में लाने के निर्देश।
  • हर्षिल एवं स्यानाचट्टी में जल निकासी: स्यानाचट्टी और हर्षिल में जलस्तर नियंत्रण हेतु 24×7 निगरानी, मलबा हटाने और सुरक्षित मड डिस्पोजेबल साइट्स बनाने के निर्देश।
  • नदियों पर रात्रि निगरानी: पहाड़ी एवं मैदानी क्षेत्रों की नदियों पर रात में भी निगरानी रखने और नागरिकों को समय पर सतर्क करने के निर्देश।

रेड और ऑरेंज अलर्ट का विवरण

  • 01 सितंबर 2025: देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार में अत्यंत भारी वर्षा के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना (रेड अलर्ट)।
  • 02 सितंबर 2025: देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना (ऑरेंज अलर्ट)।
  • अन्य जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा/गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने/ वर्षा के अति तीव्र दौर की संभावना (ऑरेंज अलर्ट)।

प्रशासन की तैयारियाँ

मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन और पुनर्वास, अपर सचिव, एससीईओ, जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से हर स्थिति पर निगरानी रखी जाए। अधिकारियों को प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए मैदानी इलाकों में विकल्प तैयार करने और राहत कार्यों को तेजी से अंजाम देने का निर्देश दिया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Parvat Sankalp News