हरियाणा

मनरेगा की जगह नई रोजगार योजना, हरियाणा को मिले 590 करोड़ रुपये

हरियाणा में ग्रामीण रोजगार और आजीविका को नई दिशा देने की तैयारी पूरी हो चुकी है। राज्य में 1 जुलाई से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के स्थान पर विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (वीबी जी राम) लागू किया जाएगा। इस नई योजना के लागू होने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आधारभूत ढांचे के विकास और आजीविका से जुड़े कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। योजना को लेकर केंद्र और राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में इस नई योजना को लागू करने की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। सम्मेलन में हरियाणा के पंचायती राज एवं विकास मंत्री कृष्णलाल पंवार सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में राज्यों को नई योजना लागू करने से पहले आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।

हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि 27 और 28 जून को आयोजित इस सम्मेलन में वीबी जी राम मिशन के संचालन, वित्तीय व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार 1 जुलाई को इस योजना को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी करेगी। साथ ही राज्यों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार योजना में जरूरी बदलाव करने की भी अनुमति दी गई है, ताकि इसका लाभ अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों तक पहुंच सके।

केंद्र सरकार ने वीबी जी राम मिशन के तहत पूरे देश के लिए करीब 95 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। हरियाणा को इस योजना के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 590 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा राज्य सरकार भी अपने हिस्से के लगभग 250 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जिससे ग्रामीण विकास और रोजगार से जुड़े कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।

बैठक के दौरान केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मनरेगा के तहत किसी प्रकार की लंबित देनदारियां हैं तो राज्य सरकारें उनके प्रस्ताव केंद्र को भेजें। प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद लंबित भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि पुराने कार्यों से जुड़े मजदूरों और लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान 2 जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति से विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इसके बाद देशभर में इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।

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