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मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट किया जारी

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में आज भी भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से देहरादून और बागेश्वर जिले के कुछ इलाकों में भारी से भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। जबकि टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत और ऊधमसिंह नगर जिले में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। अन्य जिलों में भी तेज दौर की बारिश होने के आसार हैं।

दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 13 मार्ग बंद

पछवादून और जौनसार बावर के मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश से कई संपर्क मार्गों पर मलबा आने के कारण यातायात बाधित हो रहा है। सोमवार को दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित क्षेत्र के 13 मार्ग बंद रहे। दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग जुड्डो के पास बंद है। यहां पर रविवार से सिलक्यारा सुरंग कार्यों के लिए जा रहा ट्रक आधा खाई में लटका हुआ है। उधर, लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड का कोटी-ढलानी-नंदा की चौकी-आमवाला-धौलास मोटर मार्ग सड़क कटाव के कारण बंद है। धान गांव-मिसराज पट्टी मोटर मार्ग पर दो स्थान पर मलबा आया है।

लोक निर्माण विभाग पीएमजीएसवाई कालसी का गडूल-सकरौल मोटर मार्ग तीन स्थान पर, बाढ़वाला-जुड्डो-मटोगी मोटर मार्ग दो स्थान पर, गौराघाटी-रंगेऊ मोटर मार्ग दो स्थान पर व प्यूनल मोटर मार्ग दो स्थान पर मलबा आने से बंद है। उधर, लोक निर्माण विभाग अस्थायी खंड साहिया का डियूडिलानी से ढलीन-सकरौल मोटर मार्ग दो स्थान पर, बिजऊ-कोफ्टी-जोशी ग्राम-बडनू-दातनू मोटर मार्ग तीन स्थान पर, शहीद सुरेश तोमर गास्की मोटर मार्ग तीन स्थान पर, ठलीन-बडैथ-पिनगिरी मोटर मार्ग दो स्थान पर बंद है।

लोक निर्माण विभाग अस्थायी खंड चकराता का टुंगरा मोटर मार्ग एक स्थान पर गौराघाटी-लावड़ी-मानथात मोटर मार्ग चार स्थान पर मलबा आने से बंद है। लोक निर्माण विभाग साहिया की अधिशासी अभियंता रचना थपलियाल और लोनिवि चकराता के सहायक अभियंता आदित्य ठाकुर ने बताया, मलबा आने से बंद हुए सभी मार्ग को खोलने का काम निरंतर जारी है।

यमुना का पानी चेतावनी स्तर से कम

पछवादून में यमुना के प्रवाह का चेतावनी स्तर 455.37 मीटर है। सोमवार को यहां यमुना 454.30 मीटर पर बही। वहीं, टोंस नदी चेतावनी स्तर से एक मीटर ऊपर यानी 644.60 मीटर पर बही। एसडीएम कालसी योगेश सिंह मेहरा ने बताया, टोंस के जलस्तर की मॉनिटरिंग की जा रही है। जरूरत पड़ने पर जरूरी कदम उठाया जाएगा।

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