उत्तराखण्ड

सीएम धामी की घोषणा के बाद प्रभावित परिवारों तक पहुँची राहत राशि

पूर्ण मकान क्षति और मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक मदद

उत्तराखण्ड में हाल ही में आई भारी बारिश और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों को आखिरकार वह राहत मिल गई है जिसका इंतजार वे कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप शनिवार को जनपद पौड़ी गढ़वाल के प्रभावित परिवारों को राहत राशि के चेक वितरित किए गए। इस दौरान पूरी पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन पर राजस्व विभाग की टीम प्रभावित इलाकों में पहुँची। तहसीलदार पौड़ी दीवान सिंह राणा के नेतृत्व में अधिकारियों ने मौके पर जाकर पीड़ित परिवारों को ₹5-5 लाख की सहायता राशि के चेक सौंपे।

भारी बारिश और भूस्खलन से उजड़े घर, टूटी जिंदगियां

इस आपदा में पौड़ी की तहसील क्षेत्र के कई गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। ग्राम सैंजी, बुराँसी, रैदुल, फलद्वाड़ी, क्यार्द, कलूण और मणकोली में कुल 22 मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं 6 लोगों की दुखद मृत्यु हुई। इस त्रासदी के बाद मुख्यमंत्री ने 7 अगस्त को स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था। दौरे के दौरान उन्होंने आपदा पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी परेशानियों को समझा और उन्हें हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया था। इसके बाद 26 अगस्त को सीएम ने घोषणा की थी कि पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के मालिकों और मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।

संकट की घड़ी में सरकार बनी सहारा

मुख्यमंत्री धामी ने कहा था –“यह कठिन समय है, लेकिन सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। हमारी प्राथमिकता है कि प्रभावित लोगों को शीघ्र और पारदर्शी तरीके से राहत पहुँचाई जाए।” यही वजह रही कि घोषणा के चंद दिनों बाद ही प्रशासन ने प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुँचाने की कार्यवाही शुरू कर दी।

पीड़ित परिवारों की प्रतिक्रिया: “नई उम्मीद मिली”

चेक प्राप्त करने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। उन्होंने कहा कि यह आर्थिक मदद उन्हें अपने टूटे आशियानों को दोबारा खड़ा करने और जीवन को पटरी पर लाने में सहारा देगी। पीड़ितों ने मुख्यमंत्री और प्रशासन का आभार जताते हुए कहा – “आपदा ने हमें हिला कर रख दिया था, लेकिन सरकार ने तुरंत राहत देकर यह भरोसा दिलाया है कि हम अकेले नहीं हैं।”

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