Uttrakhand

देवभूमि पर टूटा दुखों का पहाड़: जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल में उत्तराखंड के दो वीर सपूत शहीद।

उत्तराखंड के लिए आज का दिन बेहद दुखद और भारी है। देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए देवभूमि के दो जांबाज हवलदारों ने अपनी शहादत दी है। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में बागेश्वर जिले के गजेंद्र सिंह गढ़िया शहीद हो गए हैं, वहीं अरुणाचल प्रदेश में तैनात रुद्रप्रयाग के रविंद्र सिंह के भी शहीद होने की खबर से पूरा प्रदेश स्तब्ध है।

किश्तवाड़ में आतंकियों से भिड़ गया बागेश्वर का लाल

जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा क्षेत्र में भारतीय सेना और आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस ऑपरेशन के दौरान हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आतंकियों का सामना किया और देश की रक्षा में शहीद हो गए। जैसे ही उनकी शहादत की खबर बागेश्वर पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे जिले में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है।

अरुणाचल में रुद्रप्रयाग के रविंद्र सिंह ने दी शहादत

दुख की दूसरी खबर अरुणाचल प्रदेश से आई, जहां 15वीं गढ़वाल राइफल्स में तैनात हवलदार रविंद्र सिंह ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। रविंद्र सिंह मूल रूप से रुद्रप्रयाग जिले के रहने वाले थे। उनकी शहादत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जताया शोक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों जवानों की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि “उत्तराखंड के वीर सपूतों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। राष्ट्र उनकी वीरता और शहादत को हमेशा याद रखेगा।” मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं और सरकार द्वारा हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

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