पंजाब

मेयर हरप्रीत कौर बबला के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड: 125 करोड़ का फंड और विकास की रफ्तार, पर एक मलाल बाकी

चंडीगढ़ की मेयर हरप्रीत कौर बबला ने अपने एक साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए शहर की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। भाजपा कार्यालय ‘कमलम’ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मेयर ने न केवल अपने कार्यकाल के विकास कार्यों का ब्यौरा दिया, बल्कि सांसद मनीष तिवारी के प्रति अपनी नाराजगी भी स्पष्ट शब्दों में जाहिर की।

दोस्ती पर भारी पड़ा राजनीतिक असहयोग

मेयर हरप्रीत कौर ने एक बेहद चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि सांसद मनीष तिवारी उनके पति के करीबी मित्र हैं, इसके बावजूद शहर के विकास कार्यों में उन्हें सांसद से वह समर्थन नहीं मिला जिसकी एक नगर निगम को अपेक्षा होती है। मेयर के इस बयान ने भाजपा और विपक्षी खेमे के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।

अधूरे प्रोजेक्ट्स का ‘अफसोस’ और संघर्ष

मेयर ने अपनी ईमानदारी दिखाते हुए स्वीकार किया कि उनके कार्यकाल में दो बड़े प्रोजेक्ट्स अधूरे रह गए। इनमें मनीमाजरा के पॉकेट नंबर-6 का हाउसिंग प्रोजेक्ट और शहर में 24 घंटे पानी की सप्लाई का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शामिल है। उन्होंने कहा कि इन फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने काफी प्रयास किए, लेकिन कुछ बाधाओं के कारण ये सिरे नहीं चढ़ पाए।

आर्थिक तंगी से उबारा, केंद्र से मिलाया 125 करोड़ का फंड

मेयर ने बताया कि 30 जनवरी 2025 को जब उन्होंने कार्यभार संभाला था, तब नगर निगम की माली हालत जर्जर थी। कर्मचारियों के वेतन तक के लाले पड़े थे। उन्होंने अपनी बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय से 125 करोड़ रुपये की विशेष अनुदान राशि मंजूर कराकर उन्होंने निगम को आर्थिक संकट से बाहर निकाला।

प्रमुख उपलब्धियां: स्वच्छता से लेकर राजस्व तक

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मेयर ने अपनी उपलब्धियों की लंबी सूची साझा की:

  • कचरा प्रबंधन: डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड से 95 प्रतिशत कचरा हटाकर शहर को बड़ी राहत दी।
  • राजस्व में वृद्धि: बिना अतिरिक्त खर्च के ‘रोज फेस्टिवल’ का आयोजन और नई विज्ञापन नीति से करोड़ों की आय सुनिश्चित की।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों की री-कारपेटिंग, सीवरेज पाइपलाइन बदलना और बायोगैस प्लांट के लिए MOU साइन करना।
  • सामाजिक कार्य: नशा-मुक्त अभियान और स्वास्थ्य शिविरों का सफल आयोजन।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जितेंदर पाल मल्होत्रा, रामवीर भट्टी और संजीव राणा सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। मेयर के इस बयान के बाद अब सबकी नजरें सांसद मनीष तिवारी की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

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