उत्तराखंड में अस्पतालों में मरीजों के इलाज के बजाय सोशल मीडिया के लिए रील और मनोरंजन संबंधी वीडियो बनाने वाले कर्मचारियों पर अब स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती दिखाई है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पतालों में ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया कंटेंट बनाने पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल परिसर में इस तरह की गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
2 नवंबर को जारी हुआ आदेश
महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तराखंड के कार्यालय से 2 नवंबर 2026 को जारी आदेश में सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) और जिला चिकित्सालयों के प्रमुख एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
ड्यूटी के दौरान रील और मनोरंजन वीडियो बनाने पर प्रतिबंध
स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और निजी अस्पतालों में कार्यरत कर्मचारियों को ड्यूटी के समय सोशल मीडिया के लिए रील, मनोरंजन संबंधी वीडियो या अन्य कंटेंट बनाने से रोक दिया है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अस्पतालों में कर्मचारियों का पूरा ध्यान मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं पर केंद्रित रहे।
ICU, NICU और ऑपरेशन थिएटर में बिना अनुमति वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं
आदेश में अस्पतालों के संवेदनशील चिकित्सा क्षेत्रों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। ICU, MICU, NICU, ऑपरेशन थिएटर (OT) और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना किसी भी तरह की वीडियो रिकॉर्डिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है।
मरीजों की निजता और मेडिकल रिकॉर्ड की सुरक्षा पर जोर
स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की गोपनीयता को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। किसी मरीज की सहमति के बिना उसकी पहचान, मेडिकल रिकॉर्ड या अस्पताल से जुड़ी गोपनीय जानकारी को फोटो अथवा वीडियो के माध्यम से सार्वजनिक करना प्रतिबंधित किया गया है। ऐसी स्थिति सामने आने पर संबंधित चिकित्सालय प्रमुख और वार्ड प्रभारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही मामले के अनुसार आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
अस्पताल प्रमुख करेंगे नियमित निगरानी
निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए अस्पताल प्रमुखों को समय-समय पर चिकित्सालयों का निरीक्षण करने और नियमों की नियमित समीक्षा करने को कहा गया है। यदि कोई कर्मचारी इन निर्देशों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेशों का तत्काल और कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। इस कदम का उद्देश्य अस्पतालों में अनुशासन बनाए रखने, मरीजों की निजता सुरक्षित रखने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।