नई दिल्ली : कांग्रेस के देशव्यापी ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत सोमवार को नई दिल्ली में सर्वोच्च न्यायालय की ओर मार्च निकाला गया। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में प्रदेश के सैकड़ों कांग्रेस नेताओं, विधायकों, पूर्व विधायकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इसमें भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनकी कथित भूमिका की जांच की मांग उठाई। पार्टी ने आपराधिक संलिप्तता की जांच के बाद कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग भी की।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अपील पर आयोजित इस मार्च में उत्तराखंड के कांग्रेस नेताओं ने बाराखंबा रोड से सर्वोच्च न्यायालय की ओर कूच किया। इस दौरान निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की गई और मतदाता सूचियों की शुचिता, निष्पक्ष चुनाव तथा पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।
गणेश गोदियाल बोले- मताधिकार की रक्षा के लिए जारी रहेगा संघर्ष
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट सबसे बड़ी ताकत है और किसी भी संस्था या सरकार को इसे कमजोर करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए। गोदियाल ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं, मतदाताओं के नाम काटे जाने और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समान मताधिकार देता है। ऐसे में मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों का समाधान जरूरी है। गोदियाल के मुताबिक, जब तक पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों का समाधान नहीं होता, कांग्रेस का लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा।
यशपाल आर्य ने बताया मताधिकार की रक्षा का अभियान
उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाया जा रहा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान केवल कांग्रेस का राजनीतिक आंदोलन नहीं है, बल्कि नागरिकों के मताधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़ा विषय है। आर्य ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की रक्षा के लिए नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षित रखना जरूरी है।
प्रीतम सिंह ने उत्तराखंड में SIR पर उठाए सवाल
कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने उत्तराखंड में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने और मतदाता सूचियों में अनियमितताओं को लेकर शिकायतें की गईं। प्रीतम सिंह के अनुसार, इस संबंध में निर्वाचन अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन शिकायतों पर प्रभावी और पारदर्शी कार्रवाई नहीं होने से चुनावी प्रक्रिया के प्रति लोगों का भरोसा प्रभावित हो रहा है।
हरीश रावत बोले- वोट सुरक्षित होगा, तभी लोकतंत्र मजबूत रहेगा
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस नागरिकों के मताधिकार के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जनता के विश्वास पर निर्भर करती है और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है। रावत ने कहा कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा, स्वतंत्रता और निष्पक्षता की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक अपना संघर्ष जारी रखेगी। वहीं, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि यदि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का समाधान नहीं किया जाता, तो कांग्रेस अपने आंदोलन को और व्यापक रूप देगी।
मार्च में उत्तराखंड के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता हुए शामिल
सर्वोच्च न्यायालय कूच में उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रीतम सिंह, डॉ. हरक सिंह रावत, एआईसीसी के सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा और मनोज यादव, पश्चिम बंगाल प्रभारी प्रकाश जोशी, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी तथा पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा शामिल रहे। इसके अलावा विधायक विक्रम सिंह नेगी, लखपत बुटोला और फुरकान अहमद, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष गोदावरी थापली सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मार्च में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’, ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’, ‘संविधान का सम्मान करो’, ‘मताधिकार की रक्षा करो’ और ‘मुख्य निर्वाचन आयुक्त इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए गए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब और निष्पक्ष जांच जरूरी है। पार्टी ने दोहराया कि पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए उसका आंदोलन जारी रहेगा।