ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव के नतीजों में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दोनों सीटों पर जीत दर्ज की है। किच्छा में कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने भाजपा के संदीप अरोड़ा सोनू को 6,077 वोटों के बड़े अंतर से हराया। वहीं सिरौलीकलां नगर पालिका अध्यक्ष पद पर कांग्रेस की राशिदा बेगम ने निर्दलीय प्रत्याशी फरहीन जहां को मात देकर जीत हासिल की। दोनों निकायों में कांग्रेस की जीत के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। खासकर किच्छा के नतीजे को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला था।
किच्छा में कांग्रेस की बड़ी जीत
किच्छा नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने भाजपा उम्मीदवार संदीप अरोड़ा सोनू को बड़े अंतर से शिकस्त दी। राजेश प्रताप सिंह को कुल 19,508 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 13,431 वोट हासिल हुए। इस तरह कांग्रेस उम्मीदवार ने भाजपा प्रत्याशी को 6,077 वोटों के अंतर से हराकर अध्यक्ष पद पर कब्जा किया। मतगणना शुरू होने के बाद से ही कांग्रेस प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए थे। जैसे-जैसे अलग-अलग राउंड की गिनती आगे बढ़ी, कांग्रेस की बढ़त लगातार मजबूत होती गई। अंतिम परिणाम सामने आने पर यह बढ़त निर्णायक जीत में बदल गई।
सिरौलीकलां में भी कांग्रेस का परचम
सिरौलीकलां नगर पालिका में भी कांग्रेस ने अपनी स्थिति मजबूत साबित की। यहां कांग्रेस प्रत्याशी राशिदा बेगम ने निर्दलीय उम्मीदवार फरहीन जहां को 1,765 वोटों के अंतर से हराकर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। किच्छा और सिरौलीकलां दोनों जगह कांग्रेस की जीत को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है। नतीजों के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाया और इसे जनता के समर्थन की जीत बताया।
किच्छा में चुनाव से पहले गरमाया था माहौल
किच्छा निकाय चुनाव मतदान के बाद विवादों के कारण भी सुर्खियों में रहा था। मतदान के बाद स्ट्रांग रूम के बाहर कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ और भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के समर्थकों के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी। इसी दौरान कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ को थप्पड़ मारे जाने का आरोप सामने आया था। घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और पुलिस को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए थप्पड़ मारने के आरोपी धीरज कुमार को गिरफ्तार किया था। घटना के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाते हुए भाजपा पर भी निशाना साधा था।
2027 से पहले नतीजों के सियासी मायने
ऊधमसिंह नगर की इन दोनों नगर पालिकाओं में कांग्रेस की जीत ऐसे समय हुई है, जब उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपनी तैयारियों को तेज कर रहे हैं। किच्छा में 6 हजार से ज्यादा वोटों की निर्णायक जीत और सिरौलीकलां में भी कांग्रेस की जीत पार्टी के लिए मनोबल बढ़ाने वाली मानी जा रही है। हालांकि निकाय चुनाव के नतीजों को सीधे विधानसभा चुनाव का पैमाना मानना जल्दबाजी होगी, लेकिन इन परिणामों ने स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के मजबूत प्रदर्शन का संकेत जरूर दिया है।