देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूची को लेकर निर्वाचन विभाग की ओर से विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत चलाए जाने वाले इस अभियान का उद्देश्य प्री-एसआईआर और एसआईआर प्रक्रिया के दौरान सूची से छूटे पात्र मतदाताओं की पहचान कर उन्हें दोबारा मतदाता सूची में शामिल करना है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में बूथ स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे और बीएलओ के माध्यम से पात्र मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा।
8 से 10 अक्टूबर तक सभी मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप
निर्वाचन विभाग के अनुसार 8 से 10 अक्टूबर 2026 तक उत्तराखंड के सभी 12,543 मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) प्री-एसआईआर और एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर एएसडीडी सूची में शामिल लोगों की स्थिति का सत्यापन करेंगे। इस दौरान ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी जो पहले की मतदाता सूची में दर्ज थे, लेकिन वर्तमान सूची में उनका नाम दिखाई नहीं दे रहा है। सत्यापन के बाद पात्र पाए जाने वाले लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
12 अक्टूबर से घर-घर पहुंचेगा BLO अभियान
विशेष कैंप के बाद 12 से 20 अक्टूबर 2026 तक बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर चिन्हित लोगों से संपर्क करेंगे। इस दौरान पात्र नागरिकों की मौजूदा स्थिति की जानकारी जुटाई जाएगी और जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाना जरूरी होगा, उनसे फॉर्म-6 भरवाने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। निर्वाचन विभाग का कहना है कि इस प्रक्रिया से ऐसे पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर मिलेगा, जिनका नाम किसी कारणवश मौजूदा सूची में नहीं है।
पुरानी और मौजूदा मतदाता सूची का होगा मिलान
अभियान के दौरान बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का प्री-एसआईआर से पहले उपलब्ध सूची के साथ मिलान करेंगे। इस प्रक्रिया में खास तौर पर उन मतदाताओं को चिन्हित किया जाएगा जिनका नाम पुरानी सूची में दर्ज था, लेकिन वर्तमान सूची में नहीं है। चिन्हित मतदाताओं के घर जाकर बीएलओ उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी लेंगे। यदि संबंधित व्यक्ति पात्र पाया जाता है तो उसका नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरवाया जाएगा।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी किया जाएगा शामिल
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक अभियान को अधिक पारदर्शी और सहभागी बनाने के लिए राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) और बूथ अवेयरनेस ग्रुप के सदस्यों को भी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। बीएलओ द्वारा तैयार की गई सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा किया जाएगा। इसके बाद प्रक्रिया के अंतिम चरण में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) बूथवार सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा करेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल होने से छूट गया है, तो राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उस मामले को निर्वाचन अधिकारियों के सामने रख सकें।
1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वालों पर भी फोकस
अभियान में नए मतदाताओं को जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। बीएलओ घर-घर जाकर ऐसे युवाओं की जानकारी भी जुटाएंगे जो 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके होंगे और मतदाता बनने के लिए पात्र होंगे। ऐसे पात्र युवाओं के लिए भी फॉर्म-6 भरवाने की प्रक्रिया में सहायता की जाएगी, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा सके। निर्वाचन विभाग के मुताबिक पूरे अभियान में बूथ स्तर पर सत्यापन, घर-घर संपर्क और राजनीतिक दलों की भागीदारी के जरिए मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित और अपडेट करने का प्रयास किया जाएगा।