ऊधम सिंह नगर के बाजपुर नगर पालिका में संविदा और आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों का नियमितीकरण की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब और तेज हो गया है। सोमवार को आंदोलन समाप्त कराने और शहर की सफाई व्यवस्था बहाल करने को लेकर नगर पालिका चेयरमैन, बोर्ड सदस्यों और सफाई कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों के बीच वार्ता हुई, लेकिन बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। वार्ता के दौरान सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष सुरेश कुमार लाला और नगर पालिका चेयरमैन गुरजीत सिंह गित्ते के बीच तीखी बहस हो गई। इसके बाद नाराज कर्मचारी पालिका परिसर में ही धरने पर बैठ गए और चेयरमैन के खिलाफ नारेबाजी की।
पक्के कर्मचारियों से सफाई कराने का भी विरोध
सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के कारण बाजपुर में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। स्थिति को देखते हुए नगर पालिका प्रशासन ने शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित कर्मचारियों को सफाई कार्य में लगाया था। गुरुद्वारे के पास मुख्य मार्ग पर करीब आठ नियमित कर्मचारी सफाई कर रहे थे। इसकी जानकारी मिलने पर यूनियन अध्यक्ष के नेतृत्व में आंदोलनकारी कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने नियमित कर्मचारियों द्वारा सफाई किए जाने का विरोध किया और काम रुकवा दिया। इस दौरान मौके पर हंगामे की स्थिति भी बनी, जिसके बाद नियमित कर्मचारियों को सफाई कार्य रोकना पड़ा।
सफाई व्यवस्था बहाल करने के प्रस्ताव पर भी सहमति नहीं
नगर पालिका चेयरमैन की ओर से शहर की सफाई व्यवस्था को सामान्य करने के लिए नियमित और आउटसोर्स कर्मचारियों की मदद से ट्रैक्टर के माध्यम से सफाई कराने का प्रस्ताव रखा गया। बोर्ड सदस्यों ने भी शहर की सफाई व्यवस्था को जरूरी बताते हुए इसमें सहयोग करने की बात कही। हालांकि, आंदोलनकारी कर्मचारियों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक नियमितीकरण की उनकी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
नियमितीकरण की सूची को लेकर कर्मचारियों के आरोप
आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने नगर पालिका प्रशासन पर नियमितीकरण के लिए शासन को भेजी गई सूची में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का कहना है कि सूची में गलतियां होने के कारण पात्र कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों ने मांग की है कि सूची की दोबारा जांच कर उसे दुरुस्त किया जाए और पात्र कर्मचारियों के नाम सही तरीके से शासन को भेजे जाएं, ताकि नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
चेयरमैन बोले- जायज मांगों के साथ हैं, लेकिन सफाई भी जरूरी
नगर पालिका चेयरमैन गुरजीत सिंह गित्ते ने कहा कि सफाई कर्मचारी और पालिका का स्टाफ उनके लिए परिवार की तरह हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों के साथ वह खड़े हैं, लेकिन शहर की सफाई व्यवस्था को बनाए रखना भी नगर पालिका और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। चेयरमैन के मुताबिक, अब इस मामले में अधिशासी अधिकारी, एसडीएम ऋचा सिंह और जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के स्तर से आगे का निर्णय लिया जाना है। प्रशासन को यह तय करना है कि आंदोलन के बीच शहर की सफाई व्यवस्था किस तरह बहाल की जाए। फिलहाल बाजपुर नगर पालिका में सफाई कर्मचारियों का आंदोलन जारी है। वार्ता विफल होने और नियमित कर्मचारियों से सफाई कराने के प्रयास का भी विरोध किए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अब कर्मचारियों की नियमितीकरण की मांग और शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर नजर रहेगी।